Monday, July 13, 2026 |
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निर्माण उद्योग में एआई बदलाव ही भविष्य की कुंजी: दक्षिण कोरिया के मंत्री

by Business Remedies
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AI-based modern manufacturing factories and industrial robots

सियोल,

दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग और संसाधन मंत्री किम जंग-क्वान ने कहा है कि वर्तमान समय में दुनिया दो तरह के युद्ध का सामना कर रही है—एक मध्य पूर्व का युद्ध और दूसरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का युद्ध। उन्होंने चेतावनी दी कि भले ही मध्य पूर्व का संकट तात्कालिक रूप से अधिक खतरनाक दिखाई देता हो, लेकिन एआई की दौड़ में जीतना देश के भविष्य के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। एक विशेष साक्षात्कार में मंत्री ने कहा कि यदि देश एआई क्षेत्र में पीछे रह जाता है, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार के अवसर खत्म हो सकते हैं और निर्माण उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के संकट से व्यापार मार्ग और आपूर्ति शृंखला में विविधता लाकर निपटा जा सकता है, लेकिन एआई में पिछड़ना दीर्घकालिक नुकसान देगा।

अतिरिक्त बजट और एआई पहल पर जोर

इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली ने 26.2 लाख करोड़ वॉन (लगभग 17.8 अरब अमेरिकी डॉलर) का अतिरिक्त बजट पारित किया, जिसका उद्देश्य युद्ध से उत्पन्न आर्थिक प्रभावों से निपटना है। इस बजट का बड़ा हिस्सा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को संभालने के लिए निर्धारित किया गया है।= ध्यान देने वाली बात यह रही कि उद्योग मंत्रालय ने इस अतिरिक्त बजट में से 83 अरब वॉन ‘मैन्युफैक्चरिंग एआई ट्रांसफॉर्मेशन’ पहल के लिए अलग रखे हैं। मंत्री के अनुसार, यह पहल भले ही सीधे तौर पर मध्य पूर्व संकट से जुड़ी न लगे, लेकिन देश के औद्योगिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री किम ने कहा कि अमेरिका जैसे देश, जो कभी निर्माण क्षेत्र में अग्रणी थे, एक-दो पीढ़ियों में अपनी प्रतिस्पर्धा खो बैठे क्योंकि अनुभव और कौशल नई पीढ़ी तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा है, जहां अधिकांश निर्माण श्रमिक 50 से 60 वर्ष की आयु के हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को अपने वैश्विक नेतृत्व को बनाए रखने के लिए निर्माण क्षेत्र में एआई का सफल उपयोग करना होगा। यह बदलाव श्रम-आधारित उद्योग को तकनीक आधारित उद्योग में बदल सकता है।

रोजगार पर प्रभाव और नई संभावनाएं

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई और रोबोट के आने से नौकरियों के खत्म होने की आशंका जताई जाती है, लेकिन यदि उद्योग प्रतिस्पर्धी नहीं रह पाए, तो रोजगार पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई आधारित कारखानों और औद्योगिक रोबोट के बढ़ने से युवा श्रमिक, जो पहले वेल्डिंग या ढलाई जैसे कार्य करते थे, अब रोबोट प्रबंधक बनेंगे। इससे निर्माण उद्योग की छवि ‘गंदा, खतरनाक और कठिन’ क्षेत्र से बदलकर आधुनिक और आकर्षक क्षेत्र के रूप में उभरेगी।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त का लक्ष्य

मंत्री के अनुसार, यदि यह एआई पहल सफल होती है, तो दक्षिण कोरिया चीन, अमेरिका और जापान जैसे देशों के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अधिक जनशक्ति और पूंजी वाले देशों के बीच एआई ही उत्पादकता बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस दिशा में सियोल ने ‘एम.एएक्स गठबंधन’ की शुरुआत की है, जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और हुंडई मोटर जैसी प्रमुख कंपनियां तथा एआई क्षेत्र की अग्रणी संस्थाएं शामिल हैं। इस गठबंधन का लक्ष्य वर्ष 2029 तक मानव जैसे रोबोट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करना और 2030 तक 500 एआई आधारित कारखाने स्थापित करना है।

ऊर्जा और संसाधन रणनीति में बदलाव

मंत्री ने कच्चे तेल के आयात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश अभी तक मुख्य रूप से मध्य पूर्व से हार्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आयात करता रहा है, लेकिन हालिया संकट से यह स्पष्ट हो गया है कि आयात स्रोतों में विविधता लाना आवश्यक है। इसके तहत अमेरिका से आयात बढ़ाना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही उन्होंने महत्वपूर्ण खनिज और औद्योगिक संसाधनों की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए विदेशों में संसाधन विकास परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।



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