New Delhi,
भारत में नवाचार को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश का नवाचार इंजन अब रुकने वाला नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में पेटेंट आवेदन की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 1,43,729 पेटेंट आवेदन दर्ज किए गए, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 1,10,375 आवेदन की तुलना में 30.2 प्रतिशत अधिक हैं। यह वृद्धि भारत को वैश्विक स्तर पर नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ते देश के रूप में स्थापित कर रही है।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी देते हुए कहा कि यह वृद्धि एक आत्मविश्वासी और तेजी से विकसित हो रहे भारत की पहचान है, जो वैश्विक नवाचार शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कुल पेटेंट आवेदन में से 69 प्रतिशत से अधिक आवेदन देश के भीतर से आए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू आवेदन की संख्या 98,771 रही, जबकि पिछले वर्ष यह 68,201 थी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में स्थानीय स्तर पर अनुसंधान और विकास गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्यों में तमिलनाडु आगे
राज्यवार आंकड़ों में तमिलनाडु सबसे आगे रहा, जहां से 22,995 पेटेंट आवेदन दर्ज किए गए। इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी राज्य भी सूची में शामिल हैं। इन राज्यों में नवाचार और अनुसंधान का मजबूत आधार देखने को मिल रहा है। इस वृद्धि में शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और सार्वजनिक अनुसंधान संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कुल आवेदन में से 36.5 प्रतिशत हिस्सा केवल शिक्षण संस्थानों का रहा, जो दर्शाता है कि शिक्षा क्षेत्र नवाचार को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रहा है।
वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति
भारत अब दुनिया में पेटेंट आवेदन के मामले में छठे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के आंकड़ों के अनुरूप है। लगातार आठवें वर्ष पेटेंट आवेदन में वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश के बौद्धिक संपदा तंत्र की मजबूती को दर्शाती है। सरकार की डिजिटल पहल के चलते अब लगभग 95 प्रतिशत पेटेंट आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जा रहे हैं। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सरल हुई है। बौद्धिक संपदा से जुड़ी सेवाओं के आधुनिकीकरण ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पांच वर्षों में तेज उछाल
पिछले पांच वर्षों में भारत में पेटेंट आवेदन में 146 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां यह संख्या 58,503 थी, वहीं अब बढ़कर 1,43,729 हो गई है। यह लगातार बढ़ता रुझान देश में नवाचार के प्रति बढ़ती जागरूकता और निवेश को दर्शाता है। पीयूष गोयल ने कहा कि अब भारत केवल “मेड इन इंडिया” तक सीमित नहीं है, बल्कि “इनोवेटेड इन इंडिया” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो देश के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।

