Wednesday, May 20, 2026 |
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वैश्विक आर्थिक हालात पर मंथन के लिए आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठकें शुरू

by Business Remedies
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World leaders attend IMF and World Bank meeting in Washington

नई दिल्ली,

मध्य पूर्व में जारी संकट और अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम की स्थिति के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ये बैठकें April 13 से April 18 तक वॉशिंगटन डीसी में होंगी, जिसमें 191 सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के प्रमुख भाग लेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रही आर्थिक अनिश्चितताओं और हालिया झटकों का आकलन करना है। खासतौर पर मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक संतुलन को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में हैं।

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को जारी होने वाले नए आर्थिक अनुमान पहले के मुकाबले कमजोर हो सकते हैं। इसके साथ ही वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर रिपोर्ट भी जारी की जाएगी, जिसमें मौजूदा संकट के प्रभाव को दर्शाया जाएगा। जनवरी में जारी अनुमान के अनुसार इस वर्ष वैश्विक उत्पादन वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी। इसमें अमेरिका की वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत, यूरो क्षेत्र की 1.4 प्रतिशत और उभरते एशियाई देशों की 5.4 प्रतिशत आंकी गई थी। हालांकि अब इन अनुमानों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

मध्य पूर्व संकट से बढ़ी वैश्विक चिंता

जॉर्जीवा ने कहा कि पहले से मजबूत मानी जा रही वैश्विक अर्थव्यवस्था अब एक बार फिर कठिन परीक्षा से गुजर रही है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने दुनिया भर में आर्थिक कठिनाइयों को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में यह समझने पर जोर दिया जाएगा कि इस नए आर्थिक झटके का स्वरूप क्या है, यह किन माध्यमों से अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, इसका प्रभाव कितना बड़ा है और किन नीतियों के जरिए इसे कम किया जा सकता है। मध्य पूर्व संकट का असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की दैनिक आपूर्ति में करीब 13 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है और आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है।

वैश्विक नीति निर्धारण का अहम मंच

आईएमएफ और विश्व बैंक की ये वार्षिक और वसंत बैठकें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनमें वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के प्रमुख, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और शिक्षाविद शामिल होते हैं इन बैठकों में वैश्विक विकास दर, वित्तीय स्थिरता, गरीबी उन्मूलन और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। साथ ही, सदस्य देशों के प्रतिनिधि भविष्य की नीतियों पर निर्णय लेते हैं, जिन्हें बाद में लागू किया जाता है। इसके अलावा आईएमएफ की अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति तथा आईएमएफ-विश्व बैंक की संयुक्त विकास समिति भी इन बैठकों के दौरान अपनी प्रगति और योजनाओं पर चर्चा करती हैं।



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