बिजनेस रेमेडीज/मुंबई (IANS)। देश में Fisheries Loan Schemes के अंतर्गत (June 2025 तक) 4.76 लाख Kisan Credit Cards (KCC) के माध्यम से ₹3,214.32 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं और बीते 10 वर्षों में Fish Production दोगुना हो गया है। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को दी गई।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund के तहत July 2025 तक ₹6,369 करोड़ से अधिक के 178 Loan Proposals को मंजूरी दी गई है। Fisheries Sector के लिए KCC की शुरुआत 2018-19 में की गई थी। इस योजना के तहत मछुआरे Short-Term Loans ले सकते हैं। इसमें Interest Rate 7 प्रतिशत है, लेकिन समय पर Repayment करने पर यह घटकर 4 प्रतिशत तक हो सकती है।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying ने बयान में कहा कि बैंकों द्वारा ऋण देने के जोखिम को और कम करने के लिए NABARD द्वारा प्रबंधित ₹750 करोड़ का Credit Guarantee Fund, ₹12.5 करोड़ तक के Collateral-Free Loans को कवर करता है।
National Fisheries Digital Platform ने 12 Nationalised Banks को अपने साथ जोड़ा है, हजारों Applications पर Processing की है और Remote Loan Requests को सक्षम बनाया है। इस Platform के माध्यम से 19,000 से अधिक Beneficiaries ने आवेदन किया है, जिनमें 350 Approvals और ₹15,000 से लेकर ₹5 करोड़ तक के Loan Disbursements शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में Fish Production सर्वकालिक उच्च स्तर 197 लाख टन पर पहुंच गया, जो 2013-14 में 95.79 लाख टन था और लगभग दोगुना है। बयान में कहा गया कि सरकार का लक्ष्य FY2026 तक 220 लाख टन उत्पादन हासिल करना है, जिससे लगभग 3 करोड़ लोगों की Livelihood को सहारा मिलेगा।
इसके साथ ही FY2025 में Fisheries Exports ₹62,408 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें Frozen Shrimp प्रमुख Export Item होंगे और United States तथा China प्रमुख Markets रहेंगे। यह Sector Agriculture Gross Value Added में 7.26 प्रतिशत का योगदान देता है। प्रमुख Fish Products पर GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने जैसे Policy Measures से Domestic Consumption और International Competitiveness दोनों में सुधार हुआ है।

