Wednesday, August 12, 2026 |
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केंद्र की पहल से भारतीय रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर में होती वृद्धि

by Business Remedies
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केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल के कारण Indian Railways के इंफ्रास्ट्रक्चर में गत वर्षों से काफी वृद्धि हुई है। जहां विद्युतीकरण 99.2 फीसदी, ट्रैक क्षमता 80 फीसदी तक बढ़ी है। पिछले दशक में 31 हजार किमी से अधिक नई लाइनें बिछाई गई हैं। इससे रफ्तार, सुरक्षा और दक्षता में काफी सुधार हुआ है, जो अमृत भारत स्टेशन योजना और गति शक्ति जैसे कार्यक्रमों के जरिए संचालित है।

वर्ष 2014 में Indian Railways के पास 63,028 किमी का ट्रैक था, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर 68,584 किमी हो गया है। इस दौरान रेलवे ने 34,000 किमी की नई रेलवे लाइनों का निर्माण किया है। वहीं 25 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शत-प्रतिशत विद्युतीकृत हैं, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है और परिचालन लागत घटी है।

Indian Railways लगातार ट्रैक नवीनीकरण, विद्युतीकरण और आधुनिक मशीनों में निवेश करके इस क्षमता को और बढ़ा रहा है। इससे ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में सुधार हुआ है। यात्रियों को कम समय में यात्रा का लाभ मिल रहा है। वहीं वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए बेहतर ढांचा तैयार हुआ है। फिलहाल १४४ वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 553 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य है, जिसमें 508 स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। स्टेशनों पर वाई-फाई, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। Indian Railways विद्युतीकरण, गति और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिशन मोड पर काम कर रहा है।

यह बढ़ोतरी Indian Railways की हाई स्पीड ट्रैक क्षमता में सुधार के प्रयासों का परिणाम है। सरकार ने हाई स्पीड रेलवे परियोजनाओं पर 10,300 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिससे 38,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स का उपयोग करके AI की पहुंच बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में Indian Railways के ढांचे में और बेहतर वृद्धि होने की पूरी उम्मीद है।



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