बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। धैर्यवर्धन सिंह राजावत | जीव-जंतुओं, समाज और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना नैतिक आचरण आधारित व्यवसाय अहिंसा के मौलिक सिद्धांतों के अनुसार आर्थिक गतिविधियों में संलग्न होना है। द वेल्थ कंपनी की ओर से जारी ‘द वेल्थ कंपनी एथिकल फंड’ इसी अवधारणा पर आधारित व्यवसायों में निवेश करने वाला म्युचुअल फंड है। इस फंड की जानकारी, निवेश उद्देश्य इत्यादि विषयों पर प्रकाश डाला गया है। द वेल्थ कंपनी एथिकल फंड एक नैतिक विषय पर आधारित ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। यह फंड उन निवेशकों के लिए है जो लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि चाहते हैं और नैतिक आचरण अवधारणा आधारित व्यवसायों में निवेशित होना चाहते हैं। इस फंड की राशि उन व्यवसायों में निवेश की जाएगी, जो जीव-जंतुओं, समाज और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना नैतिक आचरण एवं सुशासन का अनुपालन करते हैं। स्कीम की शुद्ध परिसंपत्तियों का 80 फीसदी निफ्टी 500 शरिया टीआरआई सूचकांक के घटकों में निवेश किया जाएगा।
इस स्कीम में जैन धर्म के अहिंसा सिद्धांतों पर आधारित इक्विटी पोर्टफोलियो होगा। एथिकल निवेश का उद्देश्य केवल संपत्ति निर्माण ही नहीं बल्कि उद्देश्य के साथ समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करना है। एथिकल फंड व्यक्तिगत मूल्यों पर आधारित है और वित्तीय वृद्धि को जीवदया, जिम्मेदारी और आस्थाओं के साथ जोड़ता है। यह फंड शराब, जुआ एवं अश्लील/अस्वस्थ मनोरंजन, तंबाकू, मादक पदार्थ या समाज के लिए व्यापक रूप से हानिकारक गतिविधियां, चमड़ा उद्योग, मांस एवं पोल्ट्री उद्योग, कीटनाशक/कृषि रसायन और पशु क्रूरता संबंधित व्यवसाय में निवेश नहीं करेगा।
योजना का उद्देश्य: इस योजना का निवेश उद्देश्य निवेशकों को नैतिक अनुपालन वाले इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों की एक विविध श्रृंखला में सक्रिय प्रबंधन सिद्धांत के माध्यम से पूंजी में दीर्घकालिक वृद्धि के अवसर प्रदान करना है। इस बात का कोई आश्वासन या गारंटी नहीं है कि योजना का निवेश उद्देश्य प्राप्त होगा। यह योजना किसी भी रिटर्न का आश्वासन या गारंटी नहीं देती है।
फंड किसके लिए : यह फंड उन जागरूक निवेशकों के लिए है, जो दैनिक जीवन में खराब/गलत उत्पादों से बचते हैं और चाहते हैं कि उनके पोर्टफोलियो में भी वही विकल्प मौजूद हों। मिलेनियल्स और जेन जेड एक युवा पीढ़ी है जो अपने निवेशों से उद्देश्य की अपेक्षा करती है, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं। वे उच्च आय वर्ग के निवेशक और परिवार जो दीर्घकालिक धन सृजन की तलाश में हैं और जो उनके मूल्यों और विश्वासों के साथ पूरी तरह से संरेखित हो, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।
वे वैश्विक निवेशक जो नैतिकता, जिम्मेदारी और अहानिकर सिद्धांतों पर आधारित भारत-केंद्रित अवसरों की तलाश में हैं, वे भी इस फंड में निवेश कर सकते हैं। मूल्य-आधारित निवेश का लाभ उठाने वाले निवेशकों के लिए यह फंड है।
जिम्मेदार निवेश का प्रदर्शन: वैश्विक स्तर पर, आंकड़े दर्शाते हैं कि मध्यम से लंबी अवधि में, सस्टेनेबल फंड प्रदर्शन में कोई समझौता नहीं करते हैं। देश के आस्था-आधारित और नैतिक फ्रेमवर्क ने मज़बूत वित्तीय प्रदर्शन प्रदर्शित किया है। निफ्टी 500 शरिया ने पारंपरिक सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया है और निफ्टी 500 के लिए 14 फीसदी और निफ्टी 50 के लिए 13 फीसदी की तुलना में 16 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) प्रदान की है।
द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड की पृष्ठभूमि : द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड पैंटोमैथ फाइनेंशियल सर्विसेज गु्रप द्वारा समर्थित है। यह गु्रप देश का अग्रणी वित्तीय सेवा समूह, जो मर्चेंट बैंकिंग, प्राइवेट इक्विटी, ब्रोकिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन, संस्थागत इक्विटी, पोर्टफोलियो प्रबंधन और परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्र में कार्यरत है। यह असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडियरीज लिमिटेड के 40 वर्षों से अधिक के अनुभव द्वारा भी समर्थित है। असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडियरीज लिमिटेड ब्रोकिंग और वित्तीय नवाचार विरासत में देश की अग्रणी कंपनी है और फंड प्रबंधन, एआईएफ और पीएमएस में अनुसंधान-संचालित, प्रदर्शन-केंद्रित और नवाचार-आधारित निवेश में विशेषज्ञता रखती है। उद्यमी संस्थापक सीए मधु लूणावत की गहरी दूरदर्शिता और स्केलेबल, भविष्य-तैयार प्लेटफॉर्म बनाने का सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड को मजबूती प्रदान कर रहा है।
फंड का प्रबंधन: फंड का प्रबंधन 57 वर्षीया अपर्णा शंकर द्वारा किया जा रहा है। वे बीएससी, एलएलबी, फाइनेंस मंव एमबीए डिग्री और ट्रेजरी एवं फॉरेक्स मैनेजमेंट में पीजीडी हैं। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के साथ म्यूचुअल फंड उद्योग में 32 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अप्रैल 2022 से जनवरी 2025 तक एसबीआई रिसर्जेंट इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड में फंड मैनेजर के रूप में काम किया है। उन्होंने सितंबर 2012 से मार्च 2022 तक एसबीआई ईएसजी फंड (पीएमएस), अमुंडी इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपर्च्युनिटीज फंड (एसबीआई फंड्स द्वारा प्रबंधित अंतर्राष्ट्रीय अधिदेश प्रबंधन) में फंड मैनेजर के रूप में काम किया है। उन्होंने यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया, बिड़ला ग्लोबल फाइनेंस और सहारा म्यूचुअल फंड के साथ भी काम किया है।
द वेल्थ कंपनी एथिकल फंड की जानकारी: द वेल्थ कंपनी एथिकल फंड का एनएफओ 24 सितम्बर 2025 को खुल चुका है और यह 08 अक्टूबर 2025 को बंद होगा। इसमें प्रवेश भार शून्य है और निकास भार 1 फीसदी लगेगा यदि आवंटन की तिथि से 30 दिनों के भीतर स्विच किया जाता है। यदि आवंटन की तिथि से 30 दिनों के बाद स्विच किया जाता है तो निकास भार शून्य होगा। फंड में न्यूनतम सदस्यता राशि 1000 रुपए है। यह एक थिमेटिक फंड है।
निष्कर्ष: फंड का आधार इंडेक्स निफ्टी 500 शरिया के अनुरूपक है, जो कि इस्लामी कानून में अनुमति प्राप्त व्यवसायों से संबंधित कंपनियों में निवेश पर आधारित है। इन व्यवसायों में से भी जैन धर्म के अहिंसा आधारित मूल्यों वाली कंपनियों को छांटकर निवेश करना एक विशेषज्ञता का काम है। यह काम 32 वर्षों का अनुभव रखने वाली फंड मैनेजर अपर्णा शंकर के जिम्मे है। ऐसा भी हो सकता है कि भविष्य में द वेल्थ कंपनी एथिकल फंड जैन इक्विटी इंडेक्स के निमार्ण का आधार हो। अहिंसा और मानव कल्याण निवेश के पथ पर यह फंड माइलस्टोन है। अधिक जानकारी फंड की वेबसाइट https://www.wealthcompanyamc.in पर ली जा सकती है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है और निवेशक निवेश करने से पहले पंजीकृत निवेश सलाहकारों से सलाह लें।

