- बिजनेस में वार्षिक 34 अरब डॉलर की होगी बढ़ोतरी
- भारतीय कपड़ा, रत्न व आभूषण व्यवसाईयों को होगा फायदा
- आरबीआई गवर्नर बोले, इस डील से घरेलू अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को मिलेगी मदद
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। हाल ही में भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है। इस समझौते से व्यापार व आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। गुरुवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व ब्रिटेन में उनके समकक्ष कीर स्टारमर ने मुक्त व्यापार समझौते (एटीएफ) पर हस्ताक्षर किए। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से देश के कई सेक्टर्स को आगे बढऩे में मदद मिलेगी, इसमें मैन्युफैक्चरिंग, जेम एंड ज्वेलरी से लेकर सर्विसेज इंडस्ट्री शामिल हैं। इस समझौते जयपुर के उद्यमियों ने भी स्वागत किया है। उनका कहना है कि समझौते से अमरीका की दादागिरी समाप्त होगी और भारत का व्यापार बढ़ेगा। इस समझौते का घरेलू अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को आगे बढऩे में मदद मिलेगी। इस समझौते का फियो राजस्था ने भी स्वागत किया है। फियो राजस्थान का कहना है, इस समझौते से राजस्थान से निर्यात को और गति मिलेगी। इस समझौते स्कॉच व्हिस्की, जिन, लग्जरी कारें, कॉस्मेटिक व चिकित्सा उपकरण जैसे आयातित सामान भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक कीफायती हो जाएंगे। भारतीय कृषि उत्पादों को जर्मनी जैसे यूरोपीय निर्यातकों के साथ टैरिफ समानता प्राप्त होगी। वस्त्र और चमड़े पर शून्य शुल्क से बांग्लादेश और कंबोडिया जैसे क्षेत्रीय समकक्षों से भारत की प्रतिस्पद्र्धा बढऩे की उ मीद है। भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए को मई में सैद्धांतिम मंजूरी दी गई। अब इसके कानूनी प्रारूप को ब्रिटेन की संसद में पेश किया जाना है।
कई देशों के साथ व्यापार बेहतरी के लिए चल रही चर्चाए
केंद्रीय वाणिज्य व व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कई देशों के साथ व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चर्चाएं चल रही हैं। भारत ने ब्रिटेन के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों देशों के लिए अरबों डॉलर के व्यापार के नए अवसर खुलेंगे। वाणिज्य मंत्री ने कहा, न्यूजीलैंड, ओमान, चिली, पेरू और यूरोपीय संघ के साथ बहुत अच्छी बातचीत चल रही है। द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर अमरीका के साथ भी अच्छी चर्चा चल रही है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि इन सभी वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।
आरबीआई गर्वनर बोले, अन्य देशों से भी हो डील
इस समझौते के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ऐसे ही समझौते अन्य देशों से भी किए जाने चाहिए। आरबीआई के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बहुपक्षवाद का दौर अब पीछे छूट गया है और भारत को अब अन्य देशों के साथ भी ऐसे और मुक्त व्यापार समझौते करने की जरूरत है। गवर्नर मल्होत्रा ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा, ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) ही आगे बढऩे का रास्ता है, क्योंकि दुर्भाग्य से बहुपक्षवाद पीछे छूट गया है। उन्होंने आगे कहा कि अमरीका के साथ व्यापार वार्ता भी एडवांस स्टेज में है। आरबीआई गवर्नर ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) को एक ऐतिहासिक छलांग करार दिया गया है। यह देशभर के श्रमिकों, किसानों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाएगा।
टीईपीए एक अक्टूबर से लागू होगा
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) आधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर से लागू होगा, जिससे भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यूके एफटीए भारतीय अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में मददगार साबित होगा। इस समझौते के तहत कृषि क्षेत्र भी एक बड़ा फायदा है, जहां लगभग 95 प्रतिशत भारतीय कृषि उत्पादों को यूके में शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी।
– यह समझौतो ऐतिहासिक व स्वागत योग्य है। जिस तरह से अमरीका बार-बार बातें कर रहा है। उससे इतर अगर यूरोप, यूएई व अन्य देशों से मुक्त व्यापार समझौते होते हैं तो निश्चित भी इससे भारत का व्यापार बढ़ेगा। अगर भारत का व्यापार बढ़ेगा तो राजस्थान के बिजनेस में भी काफी इजाफा होगा। राजस्थान का दो-तीन वस्तुओं में बड़ा योगदान रहेगा, जिसमें जेम एंड ज्वेलरी है। दूसरा है टैक्सटाइल और तीसरा है मार्बल। अभी टैक्सटाइल में बांग्लादेश क पीटिशन दे रहा था। इस समझौते से टैक्सटाइल व गारमेंट में हमारा क पीटिशन भी समाप्त होगा और बड़ा बिजेनस देश व राजस्थान को मिलेगा।
– सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
– इस समझौते से भारती की वैश्विक व्यापार और निवेश साझेदारी बढ़ेगी। भारत-ब्रिटेन के बीच एक मजबूत और विकसित होती साझेदारी से भारत को काफी फायदा होगा। ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते से भारत का व्यापार काफी बढ़ेगा। भारत के लिए कपड़ा, परिधान, चमड़ा, रत्न व आभूषण, फार्माव्युटिकल, समुद्री और इंजीनियरिंग वस्तुओं को काफी लाभ होगा। इस व्यापार समझौते से ब्रिटेने के बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे भारतीय व्यापारियों व उद्यमियों को लाभ होगा और भारत का व्यापार बढ़ेगा।
– भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष, फियो, राजस्थान
– यह बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। इससे देश का जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर बहुत बढ़ेगा। टैक्सटाइल सेक्टर बहुत बढ़ेगा। यह बहुत ही ऐतिहासिक समझौता है। इस समझौते से लग्जरी कारें, कॉस्मेटिक व चिकित्सा उपकरण जैसे आयातित सामान भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक कीफायती दामों पर उपलब्ध होंगे। इस समझौते से व्यापार के नए द्वार खुल जाएंगे और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेगा। साथ ही भारत अन्य देशों से भी समझौते की ओर अग्रसर हो रहा है।
– डॉ. अरुण अग्रवाल, सीनियर वाईस प्रेसिडेंट, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

