बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान संघर्ष के कारण कई राज्यों में ग्राहकों के खरीदारी में देरी करने तथा छोटी कारों की मांग में नरमी आने से मई में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार तीन प्रतिशत की गिरावट आई। वाहन डीलरों के संगठन फाडा ने यह जानकारी दी। वाहन डीलर संघों के महासंघ (फाडा) की ओर से जारी बयान के अनुसार, पिछले महीने यात्री वाहनों का पंजीकरण 3,02,214 इकाई रहा, जबकि मई 2024 में यह 3,11,908 इकाई रहा था। इसमें कहा गया, छोटी कारों की मांग सबसे अधिक प्रभावित हुई है। सीमित वित्तपोषण और कमजोर उपभोक्ता भावना इसकी मुख्य वजह रही। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में युद्ध संबंधी चिंताएं एवं सीमा पर तनाव बढऩे से ग्राहकों ने खरीदारी में देरी की। हालांकि, बुकिंग काफी अच्छी रही, लेकिन स्थगित निर्णयों के कारण खुदरा बिक्री में कमी आई। वाहन डीलरों के संगठन के अनुसार, मई में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढक़र 16,52,637 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 15,40,077 इकाई थी। वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री मई में सालाना आधार पर चार प्रतिशत घटकर 75,615 इकाई रह गई, जिसकी वजह माल ढुलाई चक्र में नरमी, नकदी की तंगी और भू-राजनीतिक तनाव रहा।
हालांकि, थोक बिक्री में तेजी आई क्योंकि मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) और डीलरों ने जून, 2025 के अनिवार्य ‘एसी ड्राइवर-केबिन’ विनियमन से पहले भंडार बनाए रखा था।
तिपहिया वाहनों का पंजीकरण मई में सालाना आधार पर छह प्रतिशत बढक़र 1,04,448 इकाई हो गया।

