बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। जिला कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को मानसून सीजन से पहले बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। कलैक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने विभागीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहते हुए आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं जयपुर हैरिटेज के अधिकारियों को सिवरेज एवं नालों की गुणवत्तापूर्ण सफाई का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने, सफाई के बाद सडक़ पर जमा कीचड़ एवं गंदगी का उठाव करवाने, खुले सिवरेज के खुले चैंबर्स और मेनहोल पर ढक्कन लगावाने एवं नालों पर फैरो कवर लगवाने के निर्देश दिये। जिला कलैक्टर ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना के साथ-साथ मिट्टी के कट्टों, ट्रेक्टर-ट्रॉलियों, जेसीबी, पोकलेन, मडपंप, सहित मानव संसाधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में जिला कलैक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ढीले तारों को कसने, झुके हुए बिजली के पोलों को सीधा करने, खुले फीडरों बंद करने, खुले तारों को दुरुस्त करने एवं लो-लाइन पैनल बॉक्स एवं ट्रांसफार्मर को ऊंचाई पर लगवाने एवं मानसून सीजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पाइप लाइन की लीकेज दुरुस्त करने, आवश्यकता होने पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
जिला कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी बांधों पर सहज दृश्य एवं बड़े अक्षरों में अंकित चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिये। उन्होंने पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी छोटे बड़े तालाबों पर चेतावनी बोर्ड लगावाने के निर्देश दिये। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को रपट क्षेत्र एवं लो-लाइन एरिया की टूट, रेलिंग एवं जंजीर को दुरुस्त करवाने, बांधों की आवश्यकता अनुसार मरम्मत करवाने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि होने पर भूमि कटाव और जलभराव से निपटने एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता रखी जाए।

