भारतीय रेल यात्रियों की सुविधाओं के विस्तार के साथ चुनौतियों के समाधान पर भी दे ध्यान
भारतीय रेल, यात्रियों की सुविधाओं के लिए निरंतर विस्तार तो कर रही है, पर अभी उसके समक्ष कई चुनौतियां भी हैं। इसका समाधान भी इसे जल्द करना होगा। मानसून के दौरान अधिकांश रेलों का रद्द होना और देरी से गंतव्य स्थलों पर पहुंचना एक आम बात है। इन दिनों कई ट्रेनें तो पांच से छह घंटे देरी से गंतव्य स्थानों पर पहुंच रही हैं। ऐसे में यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
रेल मंत्रालय वैसे तो यात्रियों की सुविधाओं को देने के लिए सुरक्षा, गति और आधुनिक तकनीक पर सबसे अधिक ध्यान दे रहा है। उसका लक्ष्य रेलवे को अधिक सुरक्षित, तेज, स्वच्छ और Digital बनाना है। रेलों को गति देने के लिए कई योजनाएं भी संचालित की हैं। इनमें देशभर में Vande Bharat Chair Car तथा Vande Bharat Sleeper ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लंबी दूरी की यात्रा के लिए Vande Bharat Sleeper ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा भविष्य में इन ट्रेनों की संख्या में और वृद्धि की योजना है।
इसके अलावा स्टेशनों पर नई प्रतीक्षालय, Escalator, Lift, बेहतर शौचालय, Food Court, Digital सूचना बोर्ड, मुफ्त Wi-Fi और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
Kavach नामक स्वदेशी Train Safety System का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। यह प्रणाली Signal तोड़ने, अधिक गति और Train Collision जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करती है। हाल ही में कई नए रेल मार्गों पर इसके विस्तार को मंजूरी भी दी गई है।
हजारों नए General (Non-AC) Coach जोड़े जाने की योजना है। Amrit Bharat Express जैसी ट्रेनों का विस्तार किया जा रहा है ताकि कम किराए में बेहतर यात्रा उपलब्ध हो सके।
बेहतर Digital सेवाएं प्रदान करने के लिए Ticket Booking System को और तेज बनाया जा रहा है। Train की Live जानकारी, Seat Availability और यात्री सेवाओं को Mobile App और Digital Platform से जोड़ा जा रहा है। Station और ट्रेनों में Digital सूचना व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।
कई प्रमुख रेल मार्गों को 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए उन्नत किया जा रहा है। Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project पर भी कार्य जारी है, जो भारत में High-Speed Rail का नया अध्याय होगी।
अधिकांश रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया जा चुका है और शेष कार्य जारी है। भविष्य में Hydrogen Train जैसी हरित तकनीकों पर भी काम हो रहा है।

