Sunday, July 26, 2026 |
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बड़े शहरों में वेयरहाउसिंग की बढ़ती डिमांड

वर्ष, 2026 की पहली तिमाही में 8 फीसदी की हुई वृद्धि

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत के बड़े शहरों में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स की डिमांड वर्ष, 2026 की जनवरी-मार्च अवधि में तिमाही आधार पर 8 फीसदी बढ़ी है। यह लगातार चौथी तिमाही है, जब मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म Vestian की रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर उपभोक्ता धारणा, मजबूत घरेलू मांग और इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के समर्थन से वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के वर्ष, 2026 में भी मजबूत रहने की उम्मीद है।

लीजिंग गतिविधियां हुई मजबूत
Vestian के CEO Srinivas Rao, FRICS ने कहा कि तिमाही आधार पर मांग में वृद्धि मजबूत बाजार को दर्शाती है, जिसे बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और मजबूत घरेलू खपत का समर्थन प्राप्त है। हालांकि डिमांड में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। वहीं लीजिंग गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जिसे थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों का समर्थन प्राप्त है। Mumbai और Pune ने मिलकर कुल लीजिंग गतिविधि में 81 प्रतिशत का योगदान दिया, जो मांग को बढ़ाने में स्थापित पश्चिमी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के निरंतर प्रभुत्व को दिखाता है। लगातार तिमाही आधार पर हो रही रिकवरी से संकेत मिलता है कि वर्ष, 2025 में देखी गई मंदी मांग में संरचनात्मक गिरावट के बजाय रणनीतिक पुनर्संतुलन का एक चरण थी।

लॉजिस्टिक्स हब में होता निरंतर विस्तार
Mumbai में सबसे अधिक 4.76 मिलियन वर्ग फुट (कुल लीजिंग का 42 प्रतिशत) वेयरहाउसिंग की मांग की दर्ज किया गया, जबकि Pune में यह आंकड़ा 4.46 मिलियन वर्ग फुट रहा, जो तिमाही आधार पर 162 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। Hyderabad में वेयरहाउसिंग की मांग 0.69 मिलियन स्क्वायर फीट रही है। इसमें सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। National Capital Region (NCR) में वेयरहाउसिंग की मांग 0.73 मिलियन स्क्वायर फीट रही। इसमें सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की नरमी आई। Chennai, Bengaluru और Kolkata में वेयरहाउसिंग की मांग क्रमश: 0.59 मिलियन स्क्वायर फीट, 0.17 मिलियन स्क्वायर फीट और 0.1 मिलियन स्क्वायर फीट रही। रिपोर्ट में कहा गया कि आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर बढ़ते जोर, आधुनिक ग्रेड-ए सुविधाओं की बढ़ती मांग और उभरते टियर-I और टियर-II लॉजिस्टिक्स हब में निरंतर विस्तार से वर्ष, 2026 में विकास के अगले चरण को गति मिलने की उम्मीद है।

डिमांड बढऩे के प्रमुख कारण
ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स में उछाल: ऑनलाइन खरीदारी में तेजी के कारण, Amazon, Flipkart जैसी कंपनियों के अलावा, Blinkit, Zepto जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉम्र्स ने छोटे और रणनीतिक रूप से स्थित वेयरहाउस की मांग बढ़ा दी है।
थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स: कंपनियां अब अपना लॉजिस्टिक्स खुद संभालने के बजाय 3PL कंपनियों को सौंप रही हैं, जिन्हें आधुनिक, ग्रेड-ए वेयरहाउस की आवश्यकता होती है।
सरकारी नीतियां: Make in India और Production Linked Incentive योजनाओं ने देश में विनिर्माण को बढ़ावा दिया है, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों के भंडारण के लिए बड़े गोदामों की मांग बढ़ी है।
GST का प्रभाव: वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद कंपनियां छोटे गोदामों के बजाय रणनीतिक स्थानों पर बड़े, एकीकृत वितरण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: Bharatmala और Sagarmala जैसी परियोजनाओं ने सडक़ और बंदरगाह कनेक्टिविटी में सुधार किया है, जिससे वेयरहाउसिंग के लिए नए गलियारे खुले हैं।
आधुनिक वेयरहाउस: अब पारंपरिक गोदामों के बजाय ऊंची छत वाले, आधुनिक सुविधाओं से लैस ग्रेड-ए वेयरहाउस की मांग है, जिनमें ऑटोमेशन और IoT का उपयोग होता है।



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