Monday, February 23, 2026 |
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अमेरिका का व्यापार घाटा बढ़ा और भारत के साथ 58 अरब डॉलर का अंतर दर्ज हुआ

by Business Remedies
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Economic Analysis of the Trade Deficit Between the US and India

Washington, 

अमेरिका के ताज़ा व्यापार आंकड़ों में December माह के दौरान बड़ा बदलाव सामने आया है। इस अवधि में देश का कुल trade deficit तेज़ी से बढ़कर 70.3 अरब डॉलर हो गया, जो November के 53.0 अरब डॉलर से काफी अधिक है। पूरे वर्ष 2025 में भारत के साथ वस्तुओं का व्यापार अंतर 58.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जिससे भारत अमेरिका के प्रमुख घाटा वाले व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया।

निर्यात घटे, आयात बढ़े

रिपोर्ट के अनुसार December में अमेरिका के exports 1.7 प्रतिशत घटकर 287.3 अरब डॉलर रह गए, जबकि imports 3.6 प्रतिशत बढ़कर 357.6 अरब डॉलर पहुंच गए। व्यापार अंतर में वृद्धि का मुख्य कारण वस्तुओं के आयात में बढ़ोतरी रही। वस्तुओं का अलग से deficit 15.7 अरब डॉलर बढ़कर 99.3 अरब डॉलर हो गया, जबकि सेवाओं से मिलने वाला अधिशेष 1.6 अरब डॉलर घटकर 29.0 अरब डॉलर रह गया। इसी महीने भारत के साथ अकेले वस्तु व्यापार का अंतर 5.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया। पूरे वर्ष 2025 में अमेरिका का कुल trade deficit 901.5 अरब डॉलर रहा, जो 2024 के 903.5 अरब डॉलर से थोड़ा कम है। इस दौरान exports 199.8 अरब डॉलर बढ़कर 3,432.3 अरब डॉलर और imports 197.8 अरब डॉलर बढ़कर 4,333.8 अरब डॉलर हो गए। वस्तु व्यापार का deficit 25.5 अरब डॉलर बढ़कर 1,240.9 अरब डॉलर हो गया, जबकि सेवाओं का अधिशेष 27.6 अरब डॉलर बढ़कर 339.5 अरब डॉलर रहा।

अन्य देशों के साथ तुलना

अमेरिका का वस्तु व्यापार अंतर यूरोपीय संघ के साथ 218.8 अरब डॉलर, चीन के साथ 202.1 अरब डॉलर, मैक्सिको के साथ 196.9 अरब डॉलर, वियतनाम के साथ 178.2 अरब डॉलर और ताइवान के साथ 146.8 अरब डॉलर रहा। December में वस्तुओं का निर्यात 5.5 अरब डॉलर घटकर 180.8 अरब डॉलर रहा। औद्योगिक आपूर्ति और कच्चे पदार्थ 8.7 अरब डॉलर कम हुए तथा गैर-मौद्रिक सोना 7.1 अरब डॉलर घटा। इसके विपरीत मशीनरी और उच्च तकनीकी उपकरणों का निर्यात बढ़ा। दवाइयों सहित उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति में भी वृद्धि दर्ज की गई। आयात की बात करें तो वस्तुओं का आयात 10.2 अरब डॉलर बढ़कर 280.2 अरब डॉलर हो गया। मशीनरी, कंप्यूटर उपकरण और दूरसंचार उपकरणों का आयात बढ़ा, जबकि उपभोक्ता वस्तुओं का आयात 3.5 अरब डॉलर घटा। तांबा और कच्चे तेल की खरीद में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वास्तविक आधार पर December में वस्तु व्यापार अंतर 12.5 अरब डॉलर यानी 14.8 प्रतिशत बढ़कर 97.1 अरब डॉलर हो गया।

भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर संकेत

ये आंकड़े बताते हैं कि भारत अमेरिकी बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण आपूर्ति स्रोत बन रहा है। वहीं अमेरिका एशिया में अपनी आपूर्ति व्यवस्था को विविध बनाने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।
दोनों देशों में इन व्यापार आंकड़ों को शुल्क नीति, विनिर्माण रणनीति और दीर्घकालिक आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



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