Friday, July 3, 2026 |
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार तेज

by Business Remedies
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Pralhad Joshi Speaking About India Clean Energy Transition And Renewable Energy Goals

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि भारत वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज, न्यायसंगत और विकासोन्मुख बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है ताकि आम लोगों और पृथ्वी दोनों को लाभ मिल सके।

मंत्री ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres की टिप्पणी के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा ठोस कार्य, बड़े लक्ष्य और सभी की भागीदारी पर आधारित है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है, जिससे उद्योग, रोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि भारत यह साबित कर रहा है कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार और औद्योगिक विकास एक साथ संभव है। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को विकास के अवसर में बदला जाए और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज किया जाए।

भारत इस समय नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार में विश्व के प्रमुख देशों में शामिल हो रहा है। देश ने वर्ष 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता को वर्ष 2005 के स्तर से 45प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन क्षमता का हिस्सा 50प्रतिशत तक बढ़ाने और 2.5अरब टन से 3अरब टन तक अतिरिक्त कार्बन भंडारण बनाने का भी लक्ष्य है। भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तय किए गए अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा समय से पहले ही हासिल कर लिया है, जो देश की तेज प्रगति को दर्शाता है।

नई दिल्ली में आयोजित एआई प्रभाव सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के अलग नियम और तकनीकी मानक भविष्य में समस्याएं पैदा कर सकते हैं, इसलिए एक समान वैश्विक मानक जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के लिए वैज्ञानिक आधार पर सुरक्षा नियम बनाए जाने चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बढ़े और उद्योगों को स्पष्ट दिशा मिल सके। इससे नवाचार को सही दिशा में तेज गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।



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