New Delhi,
अमेरिका प्रशासन ने कहा है कि वह देश की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनियों के साथ मिलकर उन गतिविधियों पर रोक लगाएगा, जिनके जरिए चीन से जुड़े विदेशी समूह तकनीकी प्रगति को कथित तौर पर चुरा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम ऐसे मामलों को रोकने के लिए उठाया जा रहा है जिन्हें बड़े स्तर पर तकनीक की चोरी के रूप में देखा जा रहा है। व्हाइट हाउस के विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्राट्सियोस ने एक आंतरिक ज्ञापन में दावा किया कि नई जानकारी सामने आई है, जिसमें विदेशी संस्थाएं अमेरिकी कंपनियों का फायदा उठाकर “डिस्टिलेशन” नामक प्रक्रिया के जरिए तकनीकी जानकारी हासिल कर रही हैं। उनके अनुसार, चीन से जुड़े डिजाइन का उद्देश्य अमेरिकी अनुसंधान और विकास प्रणाली को कमजोर करना और गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाना है।
एआई कंपनियों के साथ बढ़ेगा सहयोग
इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्हाइट हाउस अमेरिकी एआई कंपनियों के साथ अधिक जानकारी साझा करेगा। इसमें यह बताया जाएगा कि किस प्रकार की रणनीतियां अपनाई जा रही हैं और कौन-कौन से समूह इसमें शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर ऐसे हमलों की पहचान करने, उन्हें कम करने और सुधार के उपाय विकसित करने की योजना है। साथ ही, इन गतिविधियों में शामिल विदेशी तत्वों को जवाबदेह ठहराने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। रिपोर्ट में बताया गया कि इस तरह की गतिविधियों में कंपनियां हजारों अलग-अलग खातों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे वे सामान्य उपयोगकर्ता की तरह दिखाई देती हैं। इसके बाद ये खाते मिलकर एआई प्रणालियों से ऐसी जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। इस जानकारी को बाद में अपने एआई मॉडल के निर्माण और प्रशिक्षण में इस्तेमाल किया जाता है।
अमेरिका की चेतावनी
क्राट्सियोस ने कहा कि जैसे-जैसे इस तरह की गतिविधियों की पहचान और रोकथाम के तरीके मजबूत हो रहे हैं, वैसे-वैसे ऐसे आधार पर विकसित एआई प्रणालियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। वहीं, वाशिंगटन स्थित चीन दूतावास के एक प्रतिनिधि ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चीन की तकनीकी प्रगति उसकी अपनी मेहनत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का परिणाम है। इससे पहले मार्च में अमेरिका की एक एआई कंपनी ने चीन की तीन कंपनियों—डीपसीक, मिनीमैक्स और मूनशॉट एआई—पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अवैध तरीके से उसके मॉडल से क्षमताएं निकालकर अपने सिस्टम को आगे बढ़ाया।

