नई दिल्ली 5 अक्टूबर ।सरकार ने FASTag नियमों में बदलाव किया है। 15 नवंबर 2025 से लागू नए नियमों के तहत:
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जिन ड्राइवरों के पास valid FASTag नहीं होगा और वे UPI से टोल पेमेंट करेंगे, उन्हें रेगुलर टोल का 1.25 गुना देना होगा।
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वहीं अगर कैश पेमेंट करते हैं, तो पुराने नियम की तरह दोगुना टोल देना होगा।
Transporters का कहना है कि यह नियम खासकर तब फायदेमंद होगा जब technical glitch या FASTag balance कम हो। पहले ड्राइवरों को राज्यों के बीच FASTag issue पर डबल पेनल्टी भुगतनी पड़ती थी, अब UPI पेमेंट विकल्प से पेनल्टी कम होगी।
Revenue और टोल कलेक्शन:
सरकार का कहना है कि रेवेन्यू पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि 98% टोल पहले से FASTag से ही कलेक्ट हो रहे हैं। असली उद्देश्य है cash transactions खत्म करना और यात्रियों के लिए सफर आसान बनाना।
FASTag पास का विवरण:
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सालाना FASTag पास की कीमत: 3,000 रुपए
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इस पास से 1 साल में 200 बार टोल क्रॉस किया जा सकता है
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प्रति टोल क्रॉस लागत: लगभग 15 रुपए
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इससे नेशनल हाईवे पर भीड़ कम होगी
FASTag खरीदने के तरीके:
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किसी भी टोल प्लाजा से सीधे
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बैंक ब्रांच: Axis Bank, ICICI, HDFC, SBI, Kotak Bank
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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: Paytm, Amazon, Google Pay
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आवश्यक दस्तावेज: ID Proof और Vehicle Registration Card
यह कदम स्मार्ट पेमेंट्स को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

