बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। उदयपुर में पर्यटन आकर्षण के नये केन्द्रों का विकास किया जाना आवश्यक है, जिससे फतहसागर और पिछोला पर पर्यटकों का दबाव कम हो सके। उपरोक्त सुझाव अध्यक्ष एम.एल. लूणावत ने पर्यटन सबकमेटी की बैठक में दिया।
उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की टूरिज्म एण्ड अरबन इन्फ्रास्ट्रक्चर सब कमेटी की बैठक चेयरमैन सिद्धार्थ चतुर की अध्यक्षता में होटल पारस महल में आयोजित की गई। बैठक में निम्नलिखित एजेण्डा बिन्दुओं पर चर्चा की गई।
१. उदयपुर एयरपोर्ट को इन्टरनेशनल एयरपोर्ट एवं कार्गों सुविधा को अपग्रेड किये जाने पर चर्चा
बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा 147 हैक्टर भूमि का आवाप्तिकरण कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया को सौंप दी गई है। कस्टम विभाग के कार्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।
बैठक में यह तय किया गया कि अंतर्राष्ट्रीय उडानों के संचालन हेतु आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किये जाने के बारे में एयरपोर्ट डायरेक्टर को यूसीसीआई में आमंत्रित कर चर्चा की जायेगी।
बैठक में उदयपुर एयरपोर्ट पर कार्गों सुविधा के संबंध में चर्चा की गई। चर्चा के उपरान्त यह तय हुआ कि कमेटी के उप-चेयरमैन अशोक जोशी के माध्यम में संबंधित एयरलाईन के अधिकारियों से चर्चा कर उदयपुर एयरपोर्ट पर कार्गों सुविधा को बेहतर बनाने हेतु प्रयास किये जायेंगे।
चर्चा के उपरान्त यह तय हुआ कि उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी की सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित उदयपुर यात्रा के दौरान इस मुद्दे को रखा जाये।
2. जीएसटी: होटल रूम रेन्ट पर इन्टर स्टेट जीएसटी का क्रेडिट प्राप्त नहीं होने तथा होटल रूम रेन्ट पर जीएसटी की सीमा रुपये 7,500/- से बढ़ाकर रुपये 18,500/- करने तथा रेस्टोरेन्ट पर जीएसटी की दर तर्कसंगत करने के साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रदान करने पर चर्चा की गई।
इस सन्दर्भ में यूसीसीआई द्वारा पुन: प्रतिवेदन प्रेषित किया जाना तय हुआ।
३. ईको सेन्सेटिव जोन: ईको सेन्सेटिव जोन में पहले से बनी हुई होटलों के बारे में सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा करके समाधान तलाशना तय किया गया।
4. होटलों द्वारा भू-जल दोहन पर चर्चा : एमएसएमई श्रेणी के होटल संचालकों को भू-जल दोहन हेतु अनापत्ति प्राप्त करने के लिये 10,000 लीटर/प्रतिदिन की सीमा को बढ़ाकर 20,000 लीटर/प्रतिदिन करने पर चर्चा की गई।
यूसीसीआई द्वारा सम्बन्धित मंत्रालय को इस बाबत प्रतिवेदन भिजवाया जायेगा।
५. ग्रेट इण्डियन ट्रेड बाजार: जयपुर की तर्ज पर उदयपुर में ग्रेट इण्डियन ट्रेड बाजार के आयोजन पर चर्चा की गई। टूरिस्ट ऑफ सीजन के दौरान इस प्रकार के आयोजन से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े टूर ऑपरेटर्स, गाईड, टैक्सी संचालक, होटेलियर्स आदि को लाभ होगा।
कमेटी द्वारा इस बारे में प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जायेगी।
६. नये पर्यटन केन्द्रों के विकास पर चर्चा: उदयपुर में पर्यटन आकर्षण के नये केन्द्रों का विकास किये जाने पर चर्चा की गई। इस बारे में जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन कर निम्नानुसार नई पर्यटन सम्भावनाओं पर चर्चा किया जाना तय हुआ।
(अ) रिवॉल्विंग रेस्टोरेन्ट
(ब) स्काई वॉक
(स) वॉटर स्पोर्ट्स
(द) ट्रैकिंग
(इ) ईको टूरिज्म
(फ) नाईट सफारी
पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप मोड पर उपरोक्त सुविधाओं के विकास की सम्भावनाओं हेतु उपलब्ध भूमि बैंक के माध्यम से भूमि मुहैया करवाने पर भी चर्चा की गई।
७. बन्द माईन्स को पर्यटन विकास केन्द्र के रुप में विकसित करने पर चर्चा
बन्द माईन्स को पर्यटन आकर्षण केन्द्र के रुप में विकसित किए जाने पर चर्चा की गई। एस.के. खेतान को इस बारे में प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
८. फायर एनओसी: होटल हेतु फायर एनओसी पर चर्चा की गई।
एमएसएमई एवं मध्यम श्रेणी की होटलों हेतु फायर एनओसी प्राप्ति शुल्क को तर्कसंगत बनाने हेतु यूसीसीआई से प्रतिवेदन प्रेषित कर प्रयास किये जायेंगे।
९. अन्य मुद्दे जिन पर चर्चा की गई
(अ) नेटबन्दी से पर्यटन व्यवसाय पर प्रभाव
(ब) टूरिस्ट हैल्प सेन्टर
(स) राजस्थान टूरिज्म डिपार्टमेन्ट की रील्स में उदयपुर को प्राथमिकता देना
(द) राजस्थान टूरिज्म डिपार्टमेन्ट द्वारा रोड शो पुन: शुरु किया जाना
बैठक में यूसीसीआई के अध्यक्ष एम.एल. लूणावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष गलुण्डिया, सदस्य गजेन्द्र सुयल, शशिकान्त खेतान, जी.एस. सिसोदिया, श्रद्धा गट्टानी, सुभाषसिंह राणावत एवं दीपक बोरदिया ने भाग लिया।
बैठक में अन्त में सिद्धार्थ चतुर ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

