New Delhi,
देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, FY25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार $3.45 अरब था, जो FY26 में बढ़कर $4.31 अरब हो गया। इस वृद्धि को दोनों देशों के बीच बेहतर व्यापारिक संबंध और सहयोग का परिणाम माना जा रहा है।
Kenya की राजधानी Nairobi में India–Kenya Joint Trade Committee (JTC) का 10वां सत्र आयोजित किया गया, जिसमें व्यापारिक संबंधों की समीक्षा की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता India के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और Kenya के व्यापार विभाग की प्रमुख सचिव Regina Akotah Ombam ने की। बैठक के दौरान व्यापार में विविधता बढ़ाने, बाजार पहुंच से जुड़ी समस्याओं को हल करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। विशेष रूप से इंजीनियरिंग उत्पाद, औषधि, कृषि और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इसके अलावा, व्यापार को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी प्रगति की समीक्षा की गई। भारतीय मानक ब्यूरो और Kenya मानक ब्यूरो के बीच मानकीकरण और गुणवत्ता मूल्यांकन को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। एक अन्य समझौते के तहत India के अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड तथा Kenya राजस्व प्राधिकरण के बीच सीमा शुल्क जानकारी के आदान-प्रदान पर सहमति बनी, जिससे व्यापार प्रक्रियाएं सरल होंगी और कारोबार करना आसान बनेगा।
उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के उद्योग परिसंघ और India-Kenya वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के बीच भी समझौता किया गया, जिससे निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूती मिलेगी। दोनों देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान की संभावनाओं पर भी चर्चा की। Local Currency Settlement प्रणाली को अपनाने पर विचार किया गया, जिससे विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम हो सकती है।
इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र में India ने वाहन, मशीनरी और निर्माण उपकरणों के निर्यात को बढ़ाने के अवसरों पर जोर दिया। औषधि क्षेत्र में India ने सस्ती जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति में अपनी भूमिका को रेखांकित किया और व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी India ने Kenya के सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग देने की इच्छा जताई, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।



