गुरुवार दोपहर के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख सूचकांक लगभग स्थिर स्तर पर बने रहे। Sensex सपाट रुख के साथ कारोबार करता रहा, जबकि Nifty 23,400 के ऊपर मजबूती से टिका रहा। बाजार में खरीदारी का समर्थन मुख्य रूप से उपभोक्ता टिकाऊ, पूंजीगत वस्तु, वाहन, औषधि, बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्रों के शेयरों से मिला।
हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी और धातु क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिसके कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। इसके बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 सूचकांक में लगभग 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty Smallcap 100 सूचकांक करीब 0.6 प्रतिशत मजबूत हुआ। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो Nifty में टाइटन कंपनी, इटरनल, कोल इंडिया, सिप्ला और अडानी एंटरप्राइजेज प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सहारा मिला।
दूसरी ओर, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर दबाव में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी पर कुछ असर पड़ा। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक संकेतों की मिश्रित स्थिति और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। फिर भी घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और चुनिंदा क्षेत्रों में लगातार खरीदारी व्यापक बाजार को समर्थन प्रदान कर रही है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेश प्रवाह और कंपनियों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं पर बनी रहेगी।

