Thursday, July 23, 2026 |
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भारत में Wind Energy की Installed Capacity 57,443 मेगावाट पहुंची, हुआ 106 million Unit बिजली का उत्पादन: सरकार

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | देश में विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि देश में Wind Energy प्रोजेक्ट्स की कुल इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 57,443 मेगावाट हो गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन परियोजनाओं से 106 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री Shripad Yesso Naik ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान Wind Energy से बिजली उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि Global Wind Energy Council (GWEC) Report 2026 के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक Wind Energy इंस्टॉलेशन के मामले में India दुनिया भर में चौथे स्थान पर रहा।

सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर Wind Energy को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत Green Energy Corridor Scheme के माध्यम से नई ट्रांसमिशन लाइनें और सब-स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा का सुचारु प्रसारण सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, 30 जून 2025 तक चालू हुई सौर और Wind Energy परियोजनाओं के लिए अंतरराज्यीय बिजली बिक्री पर Inter State Transmission System (ISTS) शुल्क में छूट दी गई है। इसके बाद शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए चरणबद्ध शुल्क व्यवस्था लागू की गई है।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक प्लान तैयार किया गया है। साथ ही, इस सेक्टर में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को Automatic Route के तहत अनुमति दी गई है।

नवीकरणीय ऊर्जा की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने वर्ष 2029-30 तक Renewable Purchase Obligation (RPO) और Renewable Consumption Obligation (RCO) का लक्ष्य भी तय किया है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत आने वाले सभी निर्धारित उपभोक्ताओं के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य होगा, और उल्लंघन की स्थिति में जुर्माने का प्रावधान भी रहेगा।

सरकार ने ग्रिड से जुड़े सौर, Wind Energy, Wind-Solar Hybrid और Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE) परियोजनाओं से बिजली खरीद के लिए संशोधित मानक बोली दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इसके साथ ही ऑफशोर Wind Energy प्रोजेक्ट्स के लिए Viability Gap Funding (VGF) योजना शुरू की गई है।

इसके अलावा, बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 के तहत 500 किलोवाट या स्वीकृत विद्युत भार तक नेट मीटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं, National Wind Power Projects Repowering and Life Extension Policy 2023 भी लागू की गई है, ताकि पुरानी पवन ऊर्जा परियोजनाओं का आधुनिकीकरण और उनकी संचालन अवधि बढ़ाई जा सके |



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