फिलहाल 20% पर ही रहेगा स्तर
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि Petrol में Ethanol Blending को मौजूदा 20% से आगे बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। Minister of State for Petroleum and Natural Gas Suresh Gopi ने Rajya Sabha में लिखित जवाब देते हुए कहा कि भविष्य में अधिक Blending पर फैसला विस्तृत Scientific और Technical Studies के बाद ही होगा।
सभी Stakeholders से होगा परामर्श
सरकार के अनुसार किसी भी नए लक्ष्य से पहले Automobile Manufacturers, Oil Marketing Companies, Research Institutions और अन्य संबंधित Stakeholders से चर्चा की जाएगी। वहीं, 85% Ethanol और 15% Petrol वाले E85 Fuel को केवल उन Flex Fuel Vehicles के लिए पेश किया गया है, जिन्हें इस Fuel के उपयोग के लिए Design और Certified किया गया है।
E20 को बताया सुरक्षित
सरकार ने कहा कि E20 Programme को NITI Aayog, ARAI, SIAM, IIP और Oil Companies की भागीदारी से चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। Laboratory Testing, Field Validation और Real-World Experience में E20 से व्यापक Engine Failure, असामान्य Corrosion या Vehicle Life में कमी का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
Mileage पर सीमित असर
सरकारी Studies के मुताबिक पुराने E10-Designed Vehicles में Fuel Efficiency लगभग 3–5% तक घट सकती है। हालांकि E20 में Higher Octane Rating, बेहतर Anti-Knock क्षमता, Cleaner Combustion और Smooth Engine Performance जैसे लाभ बताए गए हैं। SIAM और ARAI के अनुसार इससे Acceleration और Ride Quality में भी सुधार हो सकता है।
देश को आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ
EBP Programme से अब तक करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये की Foreign Exchange Saving हुई है। इसके साथ लगभग 316 लाख Metric Tonnes Crude Oil का विकल्प तैयार हुआ, करीब 952 लाख Metric Tonnes CO₂ Emissions कम हुए और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मिला है।

