बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 6२ अंक चढक़र पहली बार 80,000 अंक के ऊपर बंद हुआ। NSE NIFTY भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहा।
सकारात्मक वैश्विक रुख के बीच मुख्य रूप से बाजार में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और टीसीएस में लिवाली से बाजार में तेजी आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 62.87 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ अबतक के उच्चतम स्तर 80,049.67 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 405.84 अंक की तेजी के साथ 80,392.64 अंक तक चला गया था। लेकिन बाद में मुनाफावसूली से यह नीचे आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 15.65 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की तेजी के साथ नये शिखर 24,302.15 अंक पर बंद हुआ। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘निवेश के लिहाज से रक्षात्मक माने जाने वाली आईटी और औषधि क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में लिवाली देखी गयी। अमेरिका में मुद्रास्फीतिक दबाव कम होने, तिमाही आधार पर आय परिदृश्य में सुधार तथा 10 साल के बॉन्ड प्रतिफल में तेज गिरावट से इन शेयरों में लिवाली की गयी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी व्यय में तेजी तथा कंपनियों की कमाई बेहतर रहने से शेयरों के उच्च मूल्यांकन को समर्थन मिल रहा है। सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स, सन फार्मास्युटिकल्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट और इंडसइंड बैंक शामिल हैं।

