Monday, September 21, 2026 |
Home Business and Economyभारत में FDI का अगला चरण निवेश बढ़ाने के साथ आर्थिक-औद्योगिक जुड़ाव पर केंद्रित हो: Assocham

भारत में FDI का अगला चरण निवेश बढ़ाने के साथ आर्थिक-औद्योगिक जुड़ाव पर केंद्रित हो: Assocham

रिपोर्ट में निवेश को लंबे समय तक बनाए रखने, घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़ाने और कारोबार के विस्तार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर जोर

by Business Remedies
0 comments
India FDI expansion and economic industrial ecosystem report by Assocham

FDI में बड़ा बदलाव
भारत में Foreign Direct Investment यानी FDI का परिदृश्य पिछले 25 वर्षों में तेजी से बदला है। Assocham की एक नई स्टडी के मुताबिक, देश में FDI नीति के अगले चरण का फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निवेश को भारतीय आर्थिक और औद्योगिक इकोसिस्टम से गहराई से जोड़ने पर होना चाहिए।

FDI प्रवाह में तेज बढ़ोतरी
आधिकारिक DPIIT और RBI के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल FDI inflows FY2000-01 के करीब 4 अरब डॉलर से बढ़कर FY2025-26 में लगभग 95 अरब डॉलर हो गए। इसी अवधि में FDI equity inflows 2 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 59 अरब डॉलर पहुंच गए। FY2000-01 से FY2025-26 के बीच भारत को कुल 1.16 ट्रिलियन डॉलर का FDI और 791 अरब डॉलर का FDI equity inflow मिला।

Services और Manufacturing में योगदान
Assocham के अनुसार, FDI भारत के विकास में Services, Manufacturing और Emerging Sectors में अहम भूमिका निभा रहा है। Services तथा Computer Software और Hardware मिलकर cumulative FDI equity inflows का करीब एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं। Automobile, Pharmaceuticals, Chemicals, Infrastructure, Electronics और Renewable Energy जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण निवेश हुआ है।

निवेश के व्यापक फायदे
Assocham President Nirmal Minda ने कहा कि भारत ने FDI आकर्षित करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। अब निवेशकों के लिए कारोबार स्थापित करने, संचालन और विस्तार को आसान बनाने पर ध्यान देना जरूरी है। Chief Economist Dr SP Sharma के मुताबिक, FDI का व्यापक प्रभाव घरेलू वैल्यू एडिशन, रोजगार, Exports, Technology और भारतीय कंपनियों के साथ Business Linkages पर निर्भर करता है।

नीतिगत सुधारों पर जोर
रिपोर्ट में Investor Aftercare मजबूत करने, Single-Window Approval प्रक्रिया बेहतर बनाने, Land Availability और लागत में सुधार, Logistics, Utilities, Compliance और Finance को आसान बनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही Technology और R&D आधारित निवेश, Ready-to-Invest Infrastructure तथा Central और State Governments के बीच बेहतर Coordination पर भी जोर दिया गया है।



You may also like

Leave a Comment