Wednesday, July 15, 2026 |
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Renault Group ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए भारत में अपनी मौजूदगी को बनाया सशक्त

by Business Remedies
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Renault Group

o रेनो ग्रुप ने चेन्नई प्लांट- RNAIPL में 51 फीसदी हिस्सेदारी (यह हिस्सेदारी पहले निसान के पास थी) हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक और उल्लेखनीय कदम बढ़ाया

o दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोटिव मार्केट के रूप में भारत लगातार विकसित हो रहा है, 2024 में यहां 7 फीसदी बढ़ोतरी हुई और 2025 में 3.5 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है। प्रतिस्पर्धी सप्लायर नेटवर्क और मजबूत ओद्यौगिक ढांचे के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेनो ब्राण्ड एवं ग्रुप की विश्वस्तरीय योजनाओं के मुख्य स्तंभ के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है।

o विकास के इस नए चरण का नेतृत्व करने के लिए स्टीफन डेब्लेज़ को भारत में रेनो ग्रुप का सीईओ नियुक्त किया गया है, जो 1 सितम्बर 2025 से इस पद का कार्यभार संभालेंगे।

बोलोग्ने-बिलनकोर्ट- 1 अगस्त 2025: रेनो ग्रुप भारत में अपने विकास को गति प्रदान कर रहा है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमोटिव मार्केट्स में से एक है। देश को मुख्य अंतर्राष्ट्रीय हब बनाने के प्रयास में ग्रुप ने चेन्नई स्थित जॉइन्ट प्लांट (रेनो निस्सान ऑटोमोटिव इंडिया प्रा. लिमिटेड- RNAIPL) में निसान की शेष 51 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है, इस अधिग्रहण के साथ रेनो प्लांट का एकमात्र मालिक बन गया है। RNAIPL अब रेनो ग्रुप के समेकित फाइनैंशियल स्टेटमेन्ट में पूरी तरह से एकीकृत हो जाएगा। रेनो ग्रुप की महत्वपूर्ण घोषणाओं के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है, जैसे फ्रांस के बाहर रेनो ग्रुप के सबसे बड़े डिज़ाइन सेंटर की ओपनिंग जिसकी घोषणा अप्रैल में की गई थी तथा नए रेनो ट्राइबर का लॉन्च- जो एक महत्वाकांक्षी प्रोडक्ट रेंज का पहला मॉडल है, जिसमें चार नए वाहन शामिल किए जाएंगे। कंपनी ने भारतीय बाज़ार में अपनी सेल्स को मजबूत बनाने तथा निर्यात को मुख्य ओद्यौगिक केन्द्रों में विस्तारित करने का लक्ष्य रखा है। इस बदलाव को समर्थन प्रदान करने के लिए स्टीफन डेब्लेज़ 1 सितम्बर 2025 से रेनो ग्रुप के सीईओ के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

रेनो ग्रुप के लिए भारत अंतर्राष्ट्रीय विस्तार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कारक है।

रेनो ग्रुप के पास अब चेन्नई प्लांट का पूर्ण स्वामित्व है, जिसे इसकी उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के लिए जाना जाता है। यह कदम भारत को अंतर्राष्ट्रीय विकास के मुख्य स्तंभ के रूप में स्थापित करने के लिए ग्रुप की महत्वाकांक्षाओं को सशक्त बनाने में योगदान देगा।

रेनो ग्रुप भारत में स्थित एक अग्रणी इंजीनियरिंग सेंटर पर भी निर्भर है, जो निसान के साथ संयुक्त रूप से स्वामित्व में है तथा स्थानीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वाहनों के विकास एवं अनुकूलन में सक्रिय भूमिका निभाता है।

अपनी इंटरनेशनल गेम प्लान 2027 स्ट्रैटेजी के तहत रेनो ब्राण्ड तेज़ी से विकसित होते इस बाज़ार में अपने विस्तार को गति प्रदान कर रहा है, जहां 50 फीसदी से अधिक आबादी की उम्र 28 वर्ष से कम है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोटिव मार्केट के रूप में भारत एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है- जो इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है, तथा ऑटोमोटिव सेक्टर के रूपान्तरण में मुख्य भुमिका निभा रहा है।

यह महत्वाकांक्षा चार नए मॉडल्स के लॉन्च में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। इसकी शुरूआत नई ट्राइबर के साथ हुई है।

निसान के साथ साझेदारी इस नए संदर्भ में जारी रहेगी। खासतौर पर, RNAIPL योजना के मुताबिक निसान के मॉडल्स का उत्पादन जारी रखेगी।

‘भारत रेनो ग्रुप के लिए मुख्य मार्केट है। अपनी समर्पित टीमों एवं पार्टनर्स की वजह से पिछले 14 सालों में हमने रेनो ब्राण्ड को सफलतापूर्वक स्थापित किया है और हमारी अधिकतम सेल्स सालाना 100,000 वाहनों के आंकड़े को भी पार कर गई है। भारत हमारे विश्वस्तरीय आर एंड डी फुटप्रिन्ट में मुख्य भूमिका निभाता है। चेन्नई में इस प्लांट के पूर्ण स्वामित्व के साथ अब हमारे पास भारत में तेज़ी से आगे बढ़ने के सभी साधन हैं। स्टीफन डेब्लेस अपने मजबूत अंतर्राष्ट्रीय अनुभव और पूर्ण मूल्य श्रृंखला में गहन ज्ञान के साथ इस क्षेत्र में हमारी योजनाओं को अंजाम देने के लिए आदर्श व्यक्तित्व हैं।’ फ्रैंकोइस प्रोवोस्ट, सीईओ रेनो ग्रुप ने कहा।



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