Tuesday, June 30, 2026 |
Home Real Estateरियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है केन्द्रीय बजट

रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है केन्द्रीय बजट

रियल एस्टेट जानकारों का कहना है कि सरकार ने मध्यम वर्ग को कर राहत देने, बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश बढ़ाने और रियल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन देने के लिए बजट में कई घोषणाएं की हैं

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2025-26 के बजट ने भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को नई उम्मीदें दी हैं। बजट में घोषित नीतिगत सुधारों और कर राहत उपायों से आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की मांग में वृद्धि की संभावना है। रियल एस्टेट जानकारों का कहना है कि सरकार ने मध्यम वर्ग को कर राहत देने, बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश बढ़ाने और रियल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई घोषणाएं की हैं। इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की स्थापना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रियल एस्टेट के विकास को बल मिलेगा।
बजट 2025 रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास को गति देगा। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए नए अवसर खोलेगा। हालांकि, उद्योग के पूर्ण सशक्तिकरण के लिए लंबित सुधारों की आवश्यकता बनी हुई है, जैसे कि उद्योग का दर्जा और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली की स्थापना। फिर भी, बजट में किए गए उपायों से रियल एस्टेट क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद है।
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा: गंगा रियल्टी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग का कहना है कि बजट 2025 स्वागतयोग्य है, जिसने रियल एस्टेट क्षेत्र, खासकर घर खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया गया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए रु. 12 लाख तक की आय पर कर छूट एक बड़ा कदम है, इससे लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा और घर खरीदना पहले से अधिक सुलभ होगा। सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वामीह फंड 2 के तहत रु. 15,000 करोड़ का आवंटन एक सराहनीय पहल है।
त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान का कहना है कि रु. 12 लाख तक की आय पर कर माफी से डिस्पोजेबल आय में बढ़ोतरी होगी और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए घर खरीदना अधिक संभव हो सकेगा। सरकार का अफोर्डेबल हाउसिंग पर जोर देना सही दिशा में कदम है, जिससे इस क्षेत्र में विश्वास बढ़ेगा। हालांकि, रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
स्वामीह फंड सरानीय पहल: गंगा रियल्टी के एग्जीक्यूटिव के डायरेक्टर नीरज के मिश्रा ने कहा कि बजट 2025 ने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। रु. 12 लाख तक की आय पर कर छूट से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में वृद्धि होगी, जिससे आवासीय बाजार को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, स्वामीह फंड 2 के तहत रु. 15,000 करोड़ का आवंटन अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में सहायक होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और क्कक्कक्क को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपाय रियल एस्टेट उद्योग को नई दिशा देंगे।



You may also like

Leave a Comment