किसी भी देश की दो प्रमुख चीजें विकास में काफी सहायक सिद्ध होती है। उसमें से सबसे प्रमुख महंगाई पर अंकुश और रोजगार मुहैय्या करवाना। यह दोनों स्थितियां अगर सही चलती रहती है, तो देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहता है। भारत भी अपनी पिछली कमियों में सुधार का लगातार प्रयास कर रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण पिछले दिनों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में देखने को मिला है। वित्त मंत्री ने बजट में नौकरी पेशा लोगों को बजट में १२ लाख की आय सीमा तक कोई टैक्स नहीं लगाकर छूट देने की घोषणा कर वाही-वाही ली है। आयकर सीमा बढ़ जाने की वजह से लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए पहले से अधिक पैसा होगा। क्रय क्षमता में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। महंगाई पर अंकुश के लिए भी वित्त मंत्री अभी से सक्रिय हो गई है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था को बढ़ाना है, तो रोजगार बढ़ाना होगा और रोजगार में इजाफे के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाना होगा। इसी विजन के साथ केंद्र सरकार ने वर्ष,2024-25 के आम बजट में अप्रत्यक्ष करों में कई बदलाव किए हैं। सरकार ने लेदर, खिलौने, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रोनिक्स जैसे आइटमों के बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। इससे कई चीजें कीमतों में उछाल नहीं आ सकेगा। वहीं भारतीय उद्योग को कच्चा माल सस्ती दरों में मिल सकेगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा मिल सकेगा। बजट में किसानों को समृद्ध करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएं की है, इससे कृषि क्षेत्र मजबूती के साथ आगे बढ़ सकेगा। बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की धनराशि बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर देने में राहत दी है। किसान को सस्ता खाद, बीज व बिजली और पानी मिल सकेगा। इससे उसकी उपज का मूल्य भी लाभप्रद भावों पर मिल सकता है। इसके अलावा चार नए यूरिया उत्पादन संयन्त्र स्थापित करने से किसानों को काफी लाभ मिल सकेगा। इससे किसानों के लिए आवश्यक इस रासायनिक खाद की मांग के अनुरूप आपूर्ति हो सकेगी। वित्तमंत्री ने बजट में एमएसएमई के दायरे में ५०० करोड़ रुपए तक टर्न ओवर वाली कंपनियों को शामिल कर अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का प्रयास किया है। बजट को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि यह देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में सहायक हो सकेगा।

