देश की प्रमुख स्वर्ण आभूषण निर्यातक कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजेश मेहता ने कंपनी के खिलाफ जारी SEBI के अंतरिम आदेश में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि नियामक संस्था द्वारा निकाले गए निष्कर्ष सटीक नहीं हैं और कंपनी जल्द ही इस मामले पर विस्तृत जवाब जारी करेगी। एनडीटीवी प्रॉफिट से बातचीत में राजेश मेहता ने कहा कि SEBI की टिप्पणियां प्रारंभिक हैं और कंपनी इन निष्कर्षों से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अंतरिम आदेश है तथा इसमें शामिल निष्कर्ष वास्तविक तथ्यों को पूरी तरह नहीं दर्शाते हैं। कंपनी फिलहाल आदेश में किए गए सभी अवलोकनों की समीक्षा कर रही है और जल्द ही अपना विस्तृत पक्ष सार्वजनिक करेगी।
इससे पहले जून माह में SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और इसके प्रवर्तक राजेश मेहता के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था। नियामक संस्था ने कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं, जांच में सहयोग नहीं करने तथा आय को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। SEBI की प्रारंभिक जांच के अनुसार वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 के बीच कंपनी ने लगभग ₹.15.15 लाख करोड़ की आय को गलत तरीके से प्रस्तुत किया हो सकता है। जांच में यह भी कहा गया कि यह कथित गड़बड़ी मुख्य रूप से विदेशी सहायक कंपनियों के माध्यम से की गई, जिनके वित्तीय विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
नियामक संस्था ने यह भी आशंका जताई है कि कुछ धनराशि का हस्तांतरण राजेश मेहता से जुड़े व्यक्तिगत खातों में किया गया हो सकता है। इसके साथ ही अनुमान लगाया गया है कि इन घटनाओं के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹.12,726 करोड़ की कमी आई है। SEBI ने अपने आदेश में यह भी कहा कि कंपनी ने कई बार महत्वपूर्ण लेखा प्रणालियों, वित्तीय अभिलेखों और सहायक दस्तावेजों तक जांच अधिकारियों को पहुंच उपलब्ध नहीं कराई। इसके कारण जांचकर्ताओं और फॉरेंसिक ऑडिटरों के लिए बड़ी संख्या में रिपोर्ट की गई वित्तीय गतिविधियों का स्वतंत्र सत्यापन करना कठिन हो गया।
अगले आदेश तक SEBI ने राजेश मेहता को राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रतिभूति लेन-देन में खरीद, बिक्री या किसी अन्य प्रकार की भागीदारी से रोक दिया है। साथ ही कंपनी को जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त नियामक संस्था ने नए फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है और कंपनी को लंबित सूचनाएं 30दिन के भीतर जमा कराने के लिए कहा है।
SEBI की कार्रवाई के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसका असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। बीएसई में राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर निचले सर्किट पर पहुंच गया और ₹.104.65 पर बंद हुआ। यह पिछले बंद स्तर की तुलना में 4.99 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। अब बाजार की निगाहें कंपनी के विस्तृत जवाब और आगे की नियामकीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले स्पष्टीकरण से इस पूरे मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।

