बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मोहन लाल सुखाडिय़ा स्मृति सभागार में राजस्थान चैंबर के सदस्यों एवं चैंबर से जुड़ी हुई समस्त औद्योगिक संस्थाओं व संगठनों के हितार्थ भविष्य निधि संबंधित एक विशेष जागरूकता सत्र कर्मचारी भविष्य निधि संगठन भारत सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य कर्मचारियों व नियोक्ता दोनों को पीएफ योजना की विशेषताओं, लाभों और आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, एचआर अधिकारियों एवं अकाउंट्स से जुड़े विशेषज्ञों सहित करीब 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ के. एल. जैन ने कहा कि भविष्य निधि एक सुरक्षित निवेश है, जो कर्मचारियों के आर्थिक भविष्य को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और फोन हेल्पलाइन के माध्यम से भविष्य निधि से संबधित कार्य अब और अधिक सुलभ व पारदर्शी हो गए है। डॉ जैन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता सत्र का आयोजन करना हमारा दायित्व है, ताकि हर कर्मचारी व नियोक्ता इसका पूर्ण लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि चैंबर भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा जिससे कर्मचारियों में वित्तीय साक्षरता और जागरूकता को ब?ावा मिले एवं सदस्य लाभंवित हो सके। कार्यक्रम में विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा ईपीएफ, पीएफ अंशदान, पेंशन योजना, यूएएन कर्मचारी जमा लिंक बीमा योजना, कर्मचारी पेंशन योजना से संबंधित जानकारी और ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अजित कुमार अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने विभाग द्वारा कर्मचारियों को अब एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान किया है, जिससे पीएफ खाता ट्रांसफर, बैलेंस चेक, और दावा करना अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। विभाग के क्षेत्रीय आयुक्त परितोष कुमार ने भारत सरकार द्वारा हाल ही में घोषित श्वद्वश्चद्यश4द्वद्गठ्ठह्ल ढ्ढठ्ठष्द्गठ्ठह्लद्ब1द्ग रुद्बठ्ठद्मद्गस्र स्ष्द्धद्गद्वद्ग की जानकारी प्रदान कर बताया कि इसके तहत सरकार उन कंपनियों/उद्यमों को प्रोत्साहन देती है जो नए रोजगार का सृजन करते हैं और कर्मचारियों को नियमित, संगठित, और दीर्घकालीन रोजगार प्रदान करते हैं। इस संबंध में उन्होंने नवीनतम जानकारी प्रदान की।

