Monday, August 10, 2026 |
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निसंतान दम्पतियों को संतान सुख प्रदान करने के लिए जागरूक कर उपचार दे रहा है प्रकृति फर्टिलिटी क्लीनिक

by Business Remedies
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जयपुर | कुंजेश कुमार पतसारिया | अगर मन में कुछ अलग करने की लगन हो तो उसे अपने जुनून के दम पर पूरा किया जा सकता है, ऐसा ही कर दिखाया है Prakriti Fertility Clinic के सीईओ Prabhat Mishra ने। पहले डिग्री लेकर पूरी तरह से IVF पद्धति का अनुभव लेकर काम को सिखा, उसके बाद स्वयं का क्लीनिक शुरू कर काम को अंजाम दिया। वे बताते हैं कि Pushkar के समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों Degana, Merta City, Parbatsar में निसंतान दम्पतियों को जागरूक करने के लिए वहां सप्ताह में दो दिन शिविर लगाकर माता-पिता बनने का सुख पाने के लिए उपचार करवाने के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है। टैग लाइन प्रकृति का उपहार, खुशी अपार को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज Pushkar में ही काफी संख्या में ऐसे निसंतान माता-पिता उपचार करवाने आते हैं, जिन्हें संतान का सुख नहीं मिल पा रहा है। दो-तीन महीने का उपचार मिलने पर उन्हें संतान की प्राप्ति सुलभ हो जाती है।

आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
Ajmer के Aryabhatta College से MSc Biology में की। उसके बाद Chandigarh से PhD फिलहाल चल रही है।

क्लीनिक शुरू करने की प्ररेणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और क्लीनिक में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
जब मैं पढ़ाई कर रहा था, इस दौरान देखा कि कई दम्पति किसी कारणवश संतान सुख से वंचित हैं। तब मन में कुछ विचार आया कि क्यों ना इस फील्ड में जाकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को गाइड कर जागरूक किया जाए। मैंने पहले Jaipur के Vaishali Nagar स्थित Indira IVF Center में दस वर्ष तक लैब मैनेजर के रूप में कार्य कर इस तकनीक की पूरी शिक्षा ली और वहां निसंतान दम्पतियों के करीब पंद्रह हजार केस भी किए। फिर विचार आया कि क्यों ना ग्रामीण इलाकों में IVF तकनीक को विस्तारित किया जाए, क्योंकि वहां अभी लोगों को इस तकनीक की जानकारी नहीं है। उसी उद्देश्य को लेकर मैंने होम टाउन Pushkar में पहला IVF सेंटर शुरू कर दिया। जहां हम निसंतान माता-पिता को गाइडेंस देकर नि:शुल्क परामर्श देते हैं। कई निसंतान माता-पिता, दो-तीन महीने बाद हारर्मोल इंजेक्शन व IVF पद्धति के जरिए संतान सुख भी प्राप्त कर रहे हैं।

आपका क्लीनिक अन्य IVF क्लीनिक से अलग कैसे है?
सबसे बड़ी बात यह है कि हम रियायती दरों पर IVF पद्धति का उपचार करते हैं। इसके अलावा हमारा क्लीनिक रिजल्ट ऑरिएंटेड है, सफलता जरूर मिलती है।

वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
प्रतिस्पर्धा हरेक व्यवसाय में है, मगर हम लोगों को पूरी तरह से संतुष्ट करके ही उन्हें उपचार के लिए परामर्श देते हैं।

सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हो तो बताएं।
स्कूलों में हम बच्चों को नि:शुल्क कपड़ों का वितरण करते रहते हैं। इसके अलावा जगह-जगह रक्तदान शिविर लगवाते रहते हैं।

आपके आदर्श कौन हैं?
Dr. Tanu Batra, Dr. Rahul Sharma और Dr. Achal Tiwari मेरे आदर्श हैं। इनके दिशा-निर्देश व प्ररेणा से ही आगे बढ़ पा रहा हूं।

भविष्य में क्लीनिक को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
हमारा IVF क्लीनिक को निरंतर विस्तारित करने का लक्ष्य है। हम चाहते हैं कि Ajmer के आसपास ही करीब दस से बारह हैल्पिंग सेंटर शुरू किए जाए, जिससे ग्रामीण इलाकों के निसंतान माता-पिता नि:शुल्क परामर्श ले सकें।

नए युवाओं को क्लीनिक शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे, जिससे वह अपने क्लीनिक सेंटर को उत्तरोतर बढ़ा सकें?
मेरा युवाओं से यही सुझाव है कि वे Science stream लेकर IVF की डिग्री लेकर करीब तीन वर्ष का अनुभव प्राप्त कर क्लीनिक शुरू करें। मरीजों को पूरी तरह से संतुष्ट कर ही उपचार दें।

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि आपके और गति मिल सके।
सरकार IVF सेंटर शुरू करने की मान्यता देने में ज्यादा वक्त ना लगाए। पूरी जांच-पड़ताल कर नब्बे दिन बाद सेंटर शुरू करने की मान्यता दे दे।



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