केके सिंघल
बिजनेस रेमेडीज़/पाली। इस बार त्योहारी सीजन में दोपहिया वाहन बाजार में जबरदस्त तेजी के कयास लगाए जा रहे हैं। ऑटो एक्सपट्र्स के अनुसार एक सर्वे में सामने आया है कि बारिश, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में हाल ही में हुई अच्छी खासी बढ़ोतरी, शेयर बाजार में अप्रत्याशित सफलता और इसके चलते बाजार में नकदी का प्रवाह तेज रहने से साफ तौर पर इस ओर इशारा करते हैं।
इसके साथ ही हर त्योहारी सीजन में कंपनियां बोनस के अलावा अन्य लाभ भी अपने ग्राहकों को देती हैं। ग्राहकों को भी साल भर नवरात्र और धनतेरस पर इन लाभों का इंतजार रहता है। इसके अलावा फाइनेंस कंपनियां भी अपने ग्राहकों को कम ब्याज दर और कम डाउन पेमेंट पर मुफ्त लोन उपलब्ध कराती है।
पाली में लगभग सभी प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों की डीलरशिप मौजूद है। सभी डीलरशिप का अपना नेटवर्क भी है। एक सर्वे के अनुसार औसतन एक डीलरशिप के अंतर्गत करीब 8 से 10 सब-डीलर होते हैं। एक अनुमान के अनुसार पाली शहर में ही करीब सात-आठ कंपनियों की डीलरशिप मौजूद है। कुछ डीलरशिप सोजत, सुमेरपुर आदि में भी हैं जो पाली जिले में ही हैं।
पाली जिले में 80 से 100 वाहन डीलर
अगर पूरे पाली जिले की बात करें तो यहां करीब 80 से 100 दोपहिया वाहन डीलर और सब-डीलर हैं। इनमें औसतन प्रति सब डीलर 15 से 20 मासिक सेल भी मानें तो इस गणना के अनुसार औसतन (इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करके) एक महीने में करीब 1500 से दो हजार दोपहिया वाहन बिकते हैं। अक्टूबर-नवंबर के त्योहारी सीजन में यह आंकड़ा 5000 वाहनों तक पहुंच जाता है।
30 से 35 करोड़ के बिजनेस का अनुमान
एक अनुमान के अनुसार, आने-वाले त्योहारी सीजन में 30 से 35 करोड़ के सभी तरह के दोपहिया वाहनों की बिक्री रह सकती है। वाहन डीलरों से हुई बातचीत के आधार पर वे खुद भी इसके लिए तैयार हैं। वाहन डीलर जरूरी अतिरिक्त स्टॉक भी कर रहे हैं। कंपनी के आफर्स के अलावा वे अपनी तरफ से छूट या निश्चित उपहार भी दे रहे हैं। फाइनेंस कंपनियों के साथ टाई अप करके कम ब्याज और डाउन पेमेंट पर ग्राहक को वाहन मिल जाए, इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा वे सोशल मीडिया पर विज्ञापन, फीचर और प्रमोशन के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। इस बार वाहन निर्माता कंपनियां, डीलरशिप और ग्राहक सभी मिलकर बाजार में धमाल मचाने के लिए पूरी तरह से कमर कस चुके हैं।

