नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज केंद्र सरकार ने आधिकारिक राजपत्र में चारों नए श्रम कोड्स को पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके तहत वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 अब देशभर में लागू हो गई हैं। इन नए श्रम संहिताओं के लागू होने के साथ ही 29 पुराने श्रम कानूनों को हटा कर उन्हें सरल और समेकित किया गया है, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए नियमों को समझना और पालन करना आसान होगा।
40 साल की उम्र से स्वास्थ्य जांच
श्रम मंत्री Dr. Mansukh Mandaviya ने नए कानूनों के तहत 40 साल और उससे अधिक उम्र के सभी कर्मचारियों के लिए देशव्यापी वार्षिक स्वास्थ्य जांच अभियान की भी शुरुआत की। उनका कहना है कि इस पहल से कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित होगा।
कर्मचारियों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा
नए श्रम कोड्स के लागू होने से कर्मचारियों को उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों और सम्मान की गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही मातृत्व लाभ में भी सुधार किया गया है और मातृत्व अवकाश को पहले के 12 सप्ताह से बढ़ाकर अब 26 सप्ताह कर दिया गया है। इससे महिला कर्मचारियों को अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये नए श्रम कानून कामकाजी वर्ग के लिए पारदर्शिता, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे, और भारतीय श्रम बाजार को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इसके अलावा, नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षण देकर नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय री-स्किलिंग फंड बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
पांच साल का लगा समय
पांच साल बाद अब ये नए कानून पूरी तरह लागू हो गए हैं। शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, लेकिन नियम न होने की वजह से ये सही से लागू नहीं हो पाए थे। अब सरकार ने सारे नियम बना दिए हैं। इसलिए वेतन, नौकरी, सामाजिक सुरक्षा और काम की सुरक्षा से जुड़े सभी कानून अब पूरे देश में एक साथ लागू हो गए हैं। अब मजदूरों और कंपनियों के लिए नियम बिल्कुल साफ हैं और हर जगह एक जैसे हैं।
48 घंटे वीकली काम और ओवरटाइम का नया नियम
नए नियमों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी के लिए हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम तय किया गया है। यानी काम के घंटे अब सीमित होंगे और कर्मचारियों पर ज्यादा बोझ नहीं डाला जा सकेगा। अगर कोई कर्मचारी तय समय से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का पूरा भुगतान मिलेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का आराम (वीकली ऑफ) देना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
हर कर्मचारी को मिलेगा जॉब लेटर
नए लेबर कोड में एक बड़ा बदलाव यह है कि अब हर कर्मचारी को नौकरी के समय लिखित नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इससे नौकरी की पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे।

