Saturday, July 11, 2026 |
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नवजात शिशुओं की चिकित्सा एवं निदान में एआई तकनीक और जेनेटिक जांच काफी कारगर

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, (आरआईसी) में चल रही इनबोर्न एरर्स ऑफ मेटाबॉलिज्म पर तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस आईएसआईईएम 2024 रविवारर को यहां राजन्थान इंटरनेशन सेन्टर में सम्पन्न हो गई। तीन दिवसीय इस आयोजन में देश विदेश से आए डॉक्टर्स ने विचारों का आदान प्रदान किया तथा इस क्षेत्र में नवीनतम बदलावों की जानकारी ली। नेशनल कॉन्फे्रंंस का उदघाटन गत शुक्रवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने किया था। इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक डॉ. बी.एस चारण, एसिस्टेन्ट डायरेक्टर जनरल हैल्थ सर्विसेज मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एण्ड फेमिली वेलफेयर, भारत सरकार, डॉ. मधुलिका काबरा एम्स दिल्ली, डॉ. सीमा कपूर, अध्यक्ष आईएसआईईएमई डॉ. प्रियांशु माथुर, आगेनाइजिंग सेक्रेटरी सहित अन्य उपस्थित थे।
आज के अंतिम कार्यक्रम के तौर पर समापन समारोह और पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया जो ऑरगेनाइजेशन सेके्रटरी डॉ. प्रियांशु माथुर और डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल उपस्थिति में हुआ। आगामी आईएसआईईएम-2026 में दिल्ली मिलने के साथ ही सभी प्रतिभागियों ने अलविदा जयपुर कहा। समापन समारोह के दौरान गत आयोजन के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। आयोजन सचिव डॉ.प्रियांशु माथुर और डॉ लोकेश अग्रवाल ने बताया कि ई-पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार प्रथम डॉ. श्रुति बजाज, द्वितीय डॉ. देवी सरन्या एस को दिया गया इसी प्रकार ओरल पेपर प्रेजेन्टेशन केटेगरी में प्रथम डॉ. साहिल माथुर द्वितीय डॉ. सेल्वमनोज कुमार एस और तृतीय पुरस्कार डॉ. लक्ष्मी सुरेश इसी प्रकार ई-पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार डॉ. तान्या जैन प्रथम और डॉ. सास बैलूर दूसरे स्थान पर रहे।
वर्तमान में चिकित्सा जगत में सबसे ज्यादा बदलाव एआई तकनीक ने किया है इस बारें में आईएसआईईएमई में आए विषय विशेषज्ञों ने बताया कि आज कोई भी जांच मोबाइल पर एप् के माध्यम से की जा सकती है। इस बारे में प्रमुख वक्ता डॉ सीमा ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एआई की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है, जो देखभाल की सटीकता, दक्षता और वैयक्तिकरण को बेहतर बनाने में मदद करती है। एआई चिकित्सा छवियों (जैसे एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन), जो कि पूर्व में प्रचलित थी अब पैथोलॉजी स्लाइड और रोगी के रिकॉर्ड का अविश्वसनीय गति और सटीकता के साथ विश्लेषण कर सकती है। इससे निदान तेज और अधिक सटीक होता है, जिससे त्रुटि की संभावना कम हो जाती है। उ्रन्होने कहा एआई और एमएल रोगियों के चिकित्सा इतिहास, आनुवंशिकी, जीवनशैली और वास्तविक समय के डेटा का विश्लेषण करके उनके लिए व्यक्तिगत उपचार की प्लानिंग की जा सकती है। यह सटीक चिकित्सा दृष्टिकोण हैल्थकेयर प्रॉफेशनल्स को व्यक्तिगत रोगियों के लिए उपचार तैयार करने की अनुमति देता है, जिससे सफल परिणामों की संभावना बढ़ जाती है और प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सकता है।



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