बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली(आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को मुंबई के नेस्को ग्राउंड में पांच दिवसीय “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025” का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम आज से 31 अक्टूबर तक चलेगा और इसे दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री आयोजन माना जा रहा है। पांच दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 11 देशों के मंत्री और उनके औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे, जो भारत के समुद्री क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी को दर्शाता है। भारत सरकार के बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित इस आयोजन का विषय है — “एकजुट सागर, एक समुद्री दृष्टि”। इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 भारत की उस रणनीतिक दृष्टि को प्रदर्शित करेगा जिसके तहत देश को वैश्विक समुद्री केंद्र और ब्लू इकोनॉमी का अग्रणी देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। गृह मंत्री अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “इंडिया मेरीटाइम वीक केवल एक कार्यक्रम नहीं है, यह भारत को वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, हरित और सतत नौवहन को बढ़ावा देगा तथा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार और संपर्क को मजबूत करेगा।” इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 में एक लाख से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी और 85 से ज्यादा देशों से प्रतिनिधित्व की पुष्टि की गई है। वैश्विक समुद्री उद्योग की प्रमुख कंपनियां, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और नीति संस्थान इसमें भाग लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, भारत के विभिन्न राज्यों के कई मंत्री और उपराज्यपाल भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो निवेश के अवसरों और क्षेत्रीय समुद्री क्षमताओं को प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी होगी। प्रधानमंत्री 29 अक्टूबर की शाम विशेष सत्र में देश और वैश्विक समुद्री जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वैश्विक समुद्री क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सीईओ के साथ एक उच्चस्तरीय वैश्विक सीईओ फोरम की अध्यक्षता भी करेंगे। 350 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं के साथ, इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 उद्योग विशेषज्ञता और रणनीतिक संवाद का केंद्र बनेगा। इस आयोजन के दौरान 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रतिबद्धताओं वाले 600 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। 400 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी वाला एक व्यापक प्रदर्शनी क्षेत्र भी साथ-साथ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान 12 से अधिक प्रमुख आयोजन होंगे, जिनमें “ग्लोबल मेरीटाइम इंडिया समिट (जीएमआईएस 2025)” का चौथा संस्करण, “क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर कॉन्फ्रेंस”, “सागरमंथन – द ग्रेट ओशन्स डायलॉग”, “शीईओ कॉन्फ्रेंस”, “यूएनईस्कैप एशिया-प्रशांत डायलॉग” सहित कई अन्य सत्र शामिल हैं।
इस आयोजन में नॉर्वे, नीदरलैंड, डेनमार्क और स्वीडन सहित चार देशों के विशेष सत्र होंगे, जबकि गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, असम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए 11 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

