Wednesday, August 12, 2026 |
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मारुति सुजुकी ने भारत में 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाली पहली वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी लॉन्च की

by Business Remedies
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Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel vehicle launched in India with 100 percent ethanol compatibility

नई दिल्ली | 

मारुति सुजुकी ने भारत में 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाली पहली यात्री गाड़ी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च कर दी है। यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल और डीजल महंगे बने हुए हैं। कंपनी का मानना है कि यह नई तकनीक देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नई वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी E20 से लेकर E100 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चलने में सक्षम है। इसके साथ ही यह भारत की पहली ऐसी यात्री गाड़ी बन गई है जिसे पूरी तरह 100 प्रतिशत एथेनॉल पर संचालन के लिए विकसित किया गया है। एथेनॉल आधारित ईंधन को पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार यह लॉन्च देश में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने और पेट्रोल आधारित ईंधन पर निर्भरता घटाने की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप है। सरकार भी लंबे समय से वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है ताकि ऊर्जा आयात पर होने वाला खर्च कम किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।

लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वैकल्पिक ईंधन नीति के तहत सरकार 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल को भी बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। नितिन गडकरी ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और हीरो मोटोकॉर्प जैसी वाहन निर्माता कंपनियों से पुराने वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के अनुरूप बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों को आधुनिक उत्सर्जन मानकों के अनुसार उन्नत करने से प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयास वाहन स्क्रैपेज कार्यक्रम को गति देंगे, जिसका उद्देश्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को सड़कों से हटाना है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी लाभ मिलेगा। गडकरी ने वाहन उद्योग को भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास क्षेत्रों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत का वाहन उद्योग अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन उद्योग बन चुका है और यह देश की अर्थव्यवस्था तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने बताया कि कंपनी संपीड़ित जैव गैस परियोजनाओं में भी निवेश कर रही है। इसके अलावा कंपनी हाइड्रोजन आधारित ईंधन जैसी अन्य स्वच्छ तकनीकों पर भी काम कर रही है ताकि भविष्य में पर्यावरण अनुकूल परिवहन समाधान उपलब्ध कराए जा सकें। कंपनी के विपणन एवं बिक्री के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में उद्योग में बिकने वाले लगभग आधे हरित वाहन मारुति सुजुकी के थे। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के बीच पर्यावरण अनुकूल वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।



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