नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारत के इस्पात क्षेत्र में मई 2026 के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश का Crude Steel उत्पादन सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़कर 14.21 मिलियन टन पहुंच गया। यह वृद्धि घरेलू मांग में मजबूती और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का संकेत मानी जा रही है।
मई 2026 में Hot Metal उत्पादन में 2.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि Pig Iron उत्पादन 0.77 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.1 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान तैयार इस्पात का उत्पादन 7.7 प्रतिशत बढ़कर 13.94 मिलियन टन हो गया। तैयार इस्पात की खपत 14.33 मिलियन टन रही, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 9.0 प्रतिशत अधिक है। स्टील मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 के दौरान देश का Crude Steel उत्पादन 28.04 मिलियन टन रहा। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 27.30 मिलियन टन की तुलना में 2.7 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में Hot Metal उत्पादन में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि Pig Iron उत्पादन 1.50 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत अधिक है।
अप्रैल-मई 2026 के दौरान तैयार इस्पात का उत्पादन बढ़कर 27.36 मिलियन टन पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.4 प्रतिशत अधिक है। मंत्रालय के अनुसार, इसी अवधि में तैयार इस्पात की खपत भी 27.36 मिलियन टन रही। निर्माण, अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों से लगातार मजबूत मांग के कारण खपत में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। देश के इस्पात व्यापार में भी तेजी देखने को मिली। मई 2026 में इस्पात आयात 0.69 मिलियन टन और निर्यात 0.51 मिलियन टन रहा। मई 2025 की तुलना में आयात में 62.5 प्रतिशत तथा निर्यात में 29.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-मई 2026 के दौरान कुल आयात 1.37 मिलियन टन और निर्यात 0.98 मिलियन टन रहा, जिसके चलते भारत इस अवधि में शुद्ध आयातक बना रहा।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की कुल Crude Steel उत्पादन क्षमता लगभग 220 एमटीपीए तक पहुंच गई है। इससे देश 2030 तक राष्ट्रीय इस्पात नीति के 300 एमटीपीए वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी सेल ने अपने भिलाई इस्पात संयंत्र की वर्तमान 6.8 एमटीपीए क्षमता को बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। निजी क्षेत्र में भी निवेश गतिविधियां तेज हुई हैं। जेएसडब्ल्यू इस्पात ने मई 2026 में ओडिशा के पारादीप में अपने एकीकृत इस्पात संयंत्र के निर्माण कार्य की शुरुआत की है। यह चरणबद्ध विकास परियोजना है, जिसकी नियोजित उत्पादन क्षमता 13.2 एमटीपीए निर्धारित की गई है।
हरित इस्पात उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे Green Steel Initiative के तहत 31 मई 2026 तक 15 राज्यों के 94 उत्पादकों को प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश उत्पादों को सर्वोच्च 5-Star Rating प्राप्त हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि द्वितीयक और मध्यम आकार के इस्पात उत्पादकों के बीच हरित उत्पादन को लेकर जागरूकता और स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। कच्चे माल की लागत में भी मजबूती का रुख बना हुआ है। अप्रैल 2026 की तुलना में मई 2026 के दौरान प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में और वृद्धि दर्ज की गई, जिससे उद्योग की लागत संरचना पर प्रभाव पड़ने की संभावना बनी हुई है। इसके बावजूद मजबूत मांग और क्षमता विस्तार की योजनाओं के कारण भारतीय इस्पात उद्योग की विकास संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

