नई दिल्ली,
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज करते हुए 23.4 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने गुरुवार को जानकारी दी कि यह देश में यात्री वाहनों के क्षेत्र में किसी भी कंपनी द्वारा हासिल किया गया अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन स्तर है।
कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि न केवल भारत में बल्कि सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के वैश्विक उत्पादन केंद्रों में भी एक रिकॉर्ड है। मारुति सुजुकी इंडिया इस स्तर तक पहुंचने वाली समूह की पहली इकाई बन गई है। कंपनी ने आने वाले वर्षों में अपने उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 40 लाख यूनिट प्रतिवर्ष तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि दुनिया भर में बहुत कम कंपनियां एक ही देश में इतने बड़े स्तर पर वाहन निर्माण कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी हमेशा ग्राहकों की बदलती जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुसार उत्पाद और तकनीक उपलब्ध कराने पर ध्यान देती रही है, जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी ग्राहकों का भरोसा बना हुआ है।
वित्त वर्ष के दौरान डिज़ायर, फ्रोंक्स, स्विफ्ट, अर्टिगा और बलेनो जैसे मॉडल सबसे अधिक उत्पादित रहे। इन सभी मॉडलों का उत्पादन दो-दो लाख यूनिट से अधिक रहा, जो कंपनी की मजबूत मांग को दर्शाता है। ताकेउची ने आगे बताया कि इस सफलता के पीछे कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और डीलर साझेदारों के साथ कंपनी का मजबूत सहयोग और विश्वास है। इसके साथ ही सरकार की नीतियों, विशेष रूप से जीएसटी 2.0 के लागू होने से बाजार में विश्वास बढ़ा और मांग को प्रोत्साहन मिला, जिससे कंपनी को रिकॉर्ड उत्पादन हासिल करने में मदद मिली।
वर्तमान में कंपनी के पास चार उत्पादन संयंत्र हैं, जिनमें हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर और खरखौदा तथा गुजरात के हंसलपुर में स्थित इकाइयां शामिल हैं। इन सभी संयंत्रों की कुल स्थापित वार्षिक क्षमता 24 लाख यूनिट है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीति के तहत कंपनी ने March 2026 में गुजरात के साणंद स्थित खोराज औद्योगिक क्षेत्र में अपने पांचवें संयंत्र के लिए भूमि की पहचान की है। यह नया संयंत्र पूरी तरह चालू होने के बाद प्रति वर्ष 10 लाख यूनिट उत्पादन करने में सक्षम होगा।



