बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर Manipal University जयपुर के नए तथा तीसरे एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन समारोह बडे हर्षोल्लास के साथ किया गया। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बसंती. आर. पाई सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कानून के विद्यार्थियों को संबोधन के दौरान न्याय में धर्म के महत्व पर कहा कि, न्याय का धर्म संगत होना बेहद जरूरी है। इसके लिए आदि शंकराचार्य और मंडल मिश्र के साथ शास्त्रार्थ का उदाहरण प्रस्तुत किया।
राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन, जयपुर की सांसद मंजू शर्मा और बगरू के विधायक कैलाश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। एमईएमजी के सलाहकार अभय जैन, एमयूजे के प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. करुणाकर ए कोटेगार, एमयूजे की प्रोवोस्ट प्रो. नीतू भटनागर इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
वहीं MUJकी प्रोवोस्ट प्रो. नीतू भटनागर ने अतिथियों का स्वागत किया। MUJ के प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. करुणाकर ए कोटेगार ने अपने संबोधन में Manipal University जयपुर का परिचय दिया। एमईएमजी के सलाहकार अभय जैन ने मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर की लगभग डेढ़ दशक की यात्रा और समाज के विकास में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि अर्जुन मेघवाल ने Manipal University जयपुर को अपने शैक्षणिक उत्कृष्टता और उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने इंजीनियरिंग, विज्ञान, वास्तुकला, प्रबंधन, मानविकी और कानूनी अध्ययन सहित विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में एमयूजे के निरंतर प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने आदि शंकराचार्य और पंडित मंडन मिश्र के बौद्धिक वाद-विवाद के कुछ उदाहरण दिए।
न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन ने कानूनी शिक्षा तथा कानून और न्याय को बनाए रखने में नैतिक मूल्यों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे की भूरी भूरी प्रशंसा की। जयपुर की सांसद मंजू शर्मा ने छात्रों को जीवन में उपलब्धियों के लिए नैतिक मार्ग चुनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। स्थानीय विधायक, बगरू, डॉ. कैलाश चंद वर्मा ने मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर की सराहना की, और उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के विश्व स्तरीय संस्थान होने पर गर्व महसूस किया। शैक्षणिक ब्लॉक के औपचारिक उद्घाटन से पहले, अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस के साथ अनुभव थिएटर, Manipal University के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का अवलोकन किया। आज उद्घाटित नवनिर्मित शैक्षणिक ब्लॉक सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यह ब्लॉक विधि संकाय को समर्पित है। इस विधि भवन में पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक तकनीकें शामिल है। इसमें मूट कोर्ट, विशेष रूप से डिज़ाइन की गई लॉ लाइब्रेरी, पूरी तरह से वातानुकूलित कक्षाएँ, कंप्यूटर लैब, व्याख्यान थिएटर, सेमिनार हॉल, सम्मेलन कक्ष और बैठक कक्ष शामिल हैं। समारोह के आखिर में विधि संकाय की डीन प्रो. भारती ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई और राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक, संकाय सदस्य, छात्र और कर्मचारीगण शामिल हुए।

