बिजनेस रेमेडीज/Jaipur। राजधानी Jaipur में इन दिनों स्ट्रीट फूड के शौकीन लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। Iran–Israel और America युद्ध के चलते उपजी गैस की किल्लत से स्ट्रीट फूड को महंगा कर दिया। स्थिति ऐसी है कि स्ट्रीट फूड का कारोबार करने वाले इस संकट की वजह से अपना कारोबार बंद कर दिया है। वहीं जो कुछ इस धंधे में अभी भी जुटे हुए हैं, उन्होंने अपने उत्पाद की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस कारण अब स्ट्रीट फूड के शौकीन लोगों को सडक़ किनारे खड़ा होकर खाना महंगा पड़ रहा है। गौरतलब है कि राजधानी में घरेलू और कॉमर्शियल LPG गैस सिलेंडरों के दामों में जबरदस्त उछाल आया है, जिसने न केवल घरों का बजट बिगाड़ा है, बल्कि शहर के मशहूर स्ट्रीट फूड को भी आम आदमी की पहुंच से दूर करना शुरू कर दिया है।
आम आदमी की जेब पर सीधा भार
अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते उपजी गैस की किल्लत से बचने के लिए सरकार ने पहले ही कॉमर्शियल व घरेलू गैस के दामों में इजाफा कर दिया है। बावजूद इसके आमजन व स्ट्रीट वेंडर्स को गैस नहीं मिल पा रही है और जो मिल रहा है, वह महंगे दामों में मिल रहा है। इस कारण स्ट्रीट फूड वेंडर्स ने अपने उत्पादों में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। जानकारी के अनुसार, Jaipur में व्यावसायिक इस्तेमाल वाला 19 किलो का कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 100 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब इस सिलेंडर की कीमत 1942 रुपए के पार पहुंच चुकी है। गैस किल्लत के चलते व्यावसायिक गैस सिलेंडर तीन से चार हजार रुपए में मिल रहा है।
स्ट्रीट फूड के शौकीनों को बड़ा झटका
Jaipur की पहचान यहां का जायकेदार स्ट्रीट फूड है। शहर में करीब 50 हजार से ज्यादा रेहड़ी-ठेले लगते हैं, जहां पावभाजी, छोले-कुलचे, चाइनीज और दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसे जाते हैं। सिलेंडर महंगा होते ही इन दुकानदारों ने अपनी प्लेट्स पर 20 से 30 फीसदी तक दाम बढ़ा दिए हैं। जो छोले-भटूरे की प्लेट पहले 40 रुपए में आसानी से मिल जाती थी, वह अब 50 से 60 रुपए के बीच बिक रही है। पावभाजी और चाट के दामों में भी 10 से 20 रुपए की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
गैस सिलेंडर की बुकिंग पर 25 दिन का लॉक इन पीरियड
गैस कंपनियों ने न सिर्फ दाम बढ़ाए हैं, बल्कि आपूर्ति के नियम भी कड़े कर दिए हैं। अब Jaipur के उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे। इससे पहले यह समयसीमा 21 दिन थी। नए सॉफ्टवेयर अपडेट के अनुसार, सिलेंडर डिलीवरी के बाद उपभोक्ता का कनेक्शन नंबर 25 दिनों के लिए ब्लॉक हो जाएगा।
घरेलू व कॉमर्शियल दोनों उपभोक्ताओं पर असर
Jaipur में घरेलू व कॉमर्शियल गैस के करीब 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। Jaipur में प्रतिदिन आठ लाख सिलेंडर से ज्यादा की खपत होती है। अब हर गैस सिलेंडर की डिलीवरी को ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि कई इलाकों में मोबाइल पर OTP न आने की वजह से उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील, न फैलाएं अफवाह
उधर जिला रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में वृद्धि वैश्विक कारणों से है, लेकिन शहर में गैस की आपूर्ति पर्याप्त है। अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता पैनिक बुकिंग न करें और OTP से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान जल्द कर लिया जाएगा।
दाम भी बढ़ाएं हैं और कई ठेले तो बंद भी हो गए हैं। महंगे गैस सिलेंडर की वजह से पतासी व अन्य सामान नहीं बन पा रहा है। तीन-साढ़े तीन हजार का सिलेंडर लेकर स्ट्रीट फूड बनाना महंगा पड़ रहा है। अगर राहत नहीं मिली तो लोग धीरे-धीरे लकड़ी व कोयले का उपयोग करेंगे, क्योंकि रोजी-रोटी तो चलानी ही पड़ेगी।
— Banwari Lal Sharma, अध्यक्ष,
Heritage City थड़ी ठेला यूनियन Jaipur

