- हाई मार्जिन डिफेंस टेक्सटाइल सेगमेंट में कंपनी की ऑर्डर बुक हुई 50 करोड़ रुपए से अधिक की।
- यूनिफॉर्म डिफेंस टेक्सटाइल निर्माण के लिए कंपनी की अमरावती टेक्सटाइल पार्क में इकाई लगाने की योजना।
- डीआरडीओ ने कंपनी को ट्रांसफर की है टेक्नोलॉजी।
- कंपनी की योजना वित्त वर्ष 27 तक डिफेंस सेगमेंट की कुल राजस्व में 21 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने की है।
- वित्त वर्ष 25 में कंपनी का कुल राजस्व 11.44 फीसदी बढक़र रहा 525.86 करोड़ रुपए।
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। मुंबई आधारित टेक्सटाइल कंपनी लेमेरिट एक्सपोर्ट्स लिमिटेड सूती धागे, ग्रेज फैब्रिक
और तैयार कपड़े जैसे कपड़ा उत्पादों के निर्माण और व्यापार में लगी हुई है। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल में विशेषज्ञता के साथ विस्तार पथ पर अग्रसर है। कंपनी ने हाई मार्जिन डिफेंस टेक्सटाइल सेगमेंट पर फोकस बढ़ाया है। इस सेगमेंट में कंपनी की ऑर्डर बुक 50 करोड़ रुपए से अधिक की हो चुकी है। इसलिए निवेशक समुदाय में कंपनी का शेयर फोकस में बना हुआ है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, ताकत, इंडस्ट्री डायनामिक्स, वित्तीय प्रदर्शन और आईपीओ के मायने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
कारोबारी गतिविधियां
2003 में निगमित, ले मेरिट एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड सूती धागे, ग्रेज फैब्रिक और तैयार कपड़े जैसे कपड़ा उत्पादों के निर्माण और व्यापार में लगी हुई है। कंपनी तीन क्षेत्रों के माध्यम से कारोबार करती है, जिसमें यार्न का निर्माण, यार्न का व्यापार, और ग्रेज और तैयार कपड़ों का व्यापार शामिल है। ले मेरिट एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का पूर्व नाम डिडवानिया यार्न एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड था। कंपनी सूती कपड़े, तौलिया और चादर के कपड़े, पॉलिएस्टर और विस्कोस सामग्री, परिधान कपड़े, रंगे हुए धागे आदि जैसे उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करती है। कंपनी की दो सहायक कंपनियां हैं, ले मेरिट फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड और ले मेरिट लक्ष्मी स्पिनिंग प्राइवेट हैं। कंपनी अपने उत्पादों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करती है, जिसमें अमेरिका, यूरोपीय देश, चीन और बांग्लादेश समेत 37 देश शामिल हैं। वैश्विक बाजारों में मजबूत उपस्थिति के साथ कंपनी को 3 स्टार एक्सपोर्ट हाउस का दर्जा प्राप्त है। कंपनी की निर्माण प्रक्रिया इंटीग्रेटेड है और अब इसमें टेक्निकल टैक्सटाइल भी शामिल हो गई है। वित्त वर्ष 25 में कंपनी के कुल राजस्व में निर्यात की हिस्सेदारी करीब 62 फ़ीसदी रही है। कंपनी एसेट लाइट मॉडल के साथ पूंजी-कुशल, स्केलेबल व्यवसाय मॉडल का अनुसरण करती है जो कंपनी को भारी परिसंपत्ति निर्भरता के बिना चपलता और तेजी से विकास को सक्षम बनाती है। कंपनी प्रतिमाह 5 लाख गज फैब्रिक का निर्माण कर रही है और कंपनी प्रतिमाह 1400 टन यार्न की बिक्री कर रही है। कंपनी की कुल बिक्री में सस्टेनेबल प्रोडक्ट की हिस्सेदारी 30 फीसदी है। कंपनी ने सीमा सुरक्षा बल को 4 लाख मीटर से अधिक न्यू डिजिटल प्रिंट फैब्रिक उपलब्ध कराया है।
इंडस्ट्री डायनॉमिक्स
भारतीय रक्षा वस्त्र उद्योग में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं, जिसे बढ़ते रक्षा व्यय, ‘मेक इन इंडिया’ पहल और स्वदेशीकरण पर बढ़ते फोकस से बल मिला है। इस क्षेत्र में टेक्निकल टेक्सटाइल की मांग में वृद्धि देखी जा रही है, खास तौर पर बुलेटप्रूफ जैकेट और उच्च ऊंचाई पर चलने वाले कपड़ों जैसे सुरक्षात्मक गियर के साथ-साथ कैमोफ्लेज नेट और एनबीसी सूट जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की मांग बढ़ रही है। भारत के पूरे टेक्सटाइल मार्केट की बात करें तो वर्तमान में यह करीब 175 बिलियन डॉलर है जो कि वर्ष 2030 तक बढक़र 350 बिलियन डॉलर को पार कर जाएगा। टेक्निकल टैक्सटाइल में काफी संभावनाएं मौजूद हैं और इस सेगमेंट में मार्जिन भी अच्छा है। इस स्थिति का फायदा ‘लेमेरिट एक्सपोर्ट्स लिमिटेड’ को लंबे समय तक मिलेगा।
डिफेंस टेक्सटाइल सेगमेंट पर फोकस
कंपनी ने डिफेंस टेक्सटाइल सेगमेंट में कारोबार को डायवर्सिफाई किया है और इस सेगमेंट में कंपनी की ऑर्डर बुक बढक़र 50 करोड़ रुपए से अधिक की हो गई है। कंपनी ने डीआरडीओ समर्थित प्रौद्योगिकी का उपयोग करके डिफेंस यूनिफार्म, ईसीसी जैकेट और रोगाणुरोधी सॉल्यूशंस जैसे हाई-मार्जिन, हाय एंट्री बैरियर क्षेत्रों में खुद को डायवर्सिफाई किया है। कंपनी की योजना वित्त वर्ष 27 तक डिफेंस सेगमेंट की कुल राजस्व में 21 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने की है।
कंपनी की ताकत
कंपनी को डीआरडीओ द्वारा प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया गया है। डीआरडीओ द्वारा अनुमोदित डिफेंस टेक्सटाइल उद्योग में रोगाणुरोधी और एंटी-बेडबग बेडशीट के लिए नवाचार में अग्रणी होने से कंपनी को बड़ी ताकत मिली है। कंपनी विनिर्माण उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। कंपनी ने अमरावती टेक्सटाइल पार्क में एक समान रक्षा वस्त्र के लिए विनिर्माण सुविधा की योजना बनाई है और एक ऐसा स्थान जहाँ कंपनी को कई रणनीतिक लाभ मिलेंगे। कंपनी के पास अनुभवी प्रबंधन टीम है। प्रबंधन टीम के पास कपड़ा उद्योग में 25 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है जो विभिन्न चरणों के माध्यम से कंपनी के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं और प्रमुख हितधारकों के साथ प्रभावी संपर्क स्थापित कर रहे हैं। उच्च मार्जिन वाले रक्षा वस्त्र उद्योग में उपस्थिति का कंपनी को रणनीतिक लाभ मिलेगा। वहीं कंपनी ने नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया है और कंपनी का नवाचार और उन्नत रक्षा वस्त्र समाधानों पर ज़ोर है। हर उत्पाद में गुणवत्ता से समझौता न करना असाधारण गुणवत्ता और स्थिरता के साथ अभिनव, टिकाऊ उत्पाद प्रदान करना कंपनी का ध्येय है।
प्रबंधन के अनुसार
वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही और वित्त वर्ष 2025 के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, ली मेरिट एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीएफओ अभिषेक लाठ ने कहा कि ” ले मेरिट एक्सपोर्ट्स लिमिटेड में, हम एक व्यापार-केंद्रित कपड़ा कंपनी से लेकर उच्च-मूल्य वाले रक्षा कपड़ा क्षेत्र में एक ताकत बनने तक अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को चिह्नित करने पर गर्व महसूस करते हैं। यह रणनीतिक बदलाव राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों में नवाचार, नेतृत्व और योगदान करने के हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। होरिजेंटल इंटिग्रेटेड क्षमताओं के साथ, हम न केवल वस्त्रों का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि हम रक्षा अनुप्रयोगों के लिए सटीक-संचालित समाधानों की इंजीनियरिंग कर रहे हैं, जो बेजोड़ गुणवत्ता, प्रदर्शन और कड़े मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करते हैं। अमरावती टेक्सटाइल पार्क में हमारी आगामी अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा इस विकास कहानी की आधारशिला है। प्रमुख कच्चे माल के स्रोतों के पास रणनीतिक रूप से स्थित और 55 फीसदी पूंजी और परिचालन सब्सिडी द्वारा समर्थित, यह सुविधा उच्च लागत दक्षता के साथ परिचालन उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। कुशल और अकुशल प्रतिभा पूल तक पहुँच, मजबूत सडक़ और बंदरगाह कनेक्टिविटी और मजबूत सरकारी समर्थन के साथ, हम तेजी से और स्थायी रूप से विस्तार करने की स्थिति में हैं। दीर्घकालिक विकास के लिए, कंपनी रणनीतिक भागीदारों के सहयोग से एक सहायक कंपनी को शामिल करने की प्रक्रिया में है। सहायक कंपनी का नाम ले मेरिट टैक्टिकल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड है। यह ग्रीनफील्ड विस्तार सभी हितधारकों के लिए नवाचार, आत्मनिर्भरता और मूल्य सृजन को बढ़ावा देते हुए रक्षा वस्त्रों में अग्रणी खिलाड़ी बनने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित कर रहा है।”
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में 2,286.4 मिलियन की तुलना में ढ्ढहृक्र 2,178.6 मिलियन रहा। बेहतर परिचालन दक्षताओं के कारण ईबिटा पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 26.5 मिलियन से 31.70 फीसदी बढक़र 34.9 मिलियन रुपए हो गया। वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में ईबिटा मार्जिन 41 आधार अंक बढक़र 1.6 फीसदी हो गया, जबकि वित्त वर्ष 24 की दूसरी छमाही में यह 1.1 फीसदी था। इस दौरान कंपनी के कर पश्चात शुद्ध लाभ में 1676.08 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में 31.3 मिलियन रुपए तक पहुँच गया, जबकि वित्त वर्ष 24 की दूसरी छमाही में यह 1.8 मिलियन रुपए था। वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में 0.1 फीसदी की तुलना में 158 आधार अंक बढक़र 1.6 फीसदी हो गया। वित्त वर्ष 25 में कंपनी का राजस्व 9.95 फीसदी बढक़र 5,147.4 मिलियन रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 24 में 4,681.5 मिलियन रुपये था, जो निरंतर व्यावसायिक विकास और रणनीतिक निष्पादन को दर्शाता है। वित्त वर्ष 25 के लिए ईबिटा 20.68 फीसदी बढक़र 77.3 मिलियन रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 24 में यह 64.1 मिलियन रुपये था। ईबिटा मार्जिन 1.5 फीसदी था, जबकि पिछले वर्ष यह 1.4 फीसदी था। वित्त वर्ष 25 के लिए कर पश्चात शुद्ध लाभ 249.38 फीसदी बढक़र 61.0 मिलियन रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 24 में 17.5 मिलियन रुपये था, जबकि कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन 94 आधार अंक बढक़र 1.3 फीसदी हो गया, जबकि वित्त वर्ष 24 में यह 0.4 फीसदी था।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

