जयपुर। जयपुर आधारित प्रमुख फाइनेंस कंपनी Laxmi India Finance Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही और नौमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। कंपनी के वित्तीय परिणाम मजबूत व्यावसायिक वृद्धि, स्वस्थ परिचालन मापदंडों और मजबूत पूंजी पर्याप्तता को दर्शाते हैं, हालांकि प्रत्यक्ष असाइनमेंट (डीए) ऋण पूल में एक बार की तनावपूर्ण घटना हुई थी।
परिचालन एवं वित्तीय मुख्य बिंदु – वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही
:प्रबंधित परिसंपत्तियाँ (एयूएम) 31 दिसंबर, 2025 तक 1,451.10 करोड़ रुपए तक पहुंच गईं, जो कि 31 दिसंबर, 2024 तक 1198.12 करोड़ रुपए की तुलना में 21.11 फीसदी वार्षिक वृद्धि दर्शाती हैं।
- स्वयं की बुक 1,365.02 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो कि 1,103.64 करोड़ रुपए थी, जो पोर्टफोलियो के स्थिर विस्तार को दर्शाती है।
- अनुशासित मूल्य निर्धारण के कारण औसत पोर्टफोलियो पर प्रतिफल बढ़कर 21.76 फीसदी हो गया, जो कि 21.50 फीसदी वार्षिक था।
- उधार की औसत लागत घटकर 10.94 फीसदी हो गई, जो कि 11.58 फीसदी वार्षिक थी, जिससे स्प्रेड स्थिरता में सुधार हुआ।
- पूंजी पर्याप्तता (सीआरएआर) वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के अंत में 20.76 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 28.40 फीसदी हो गई, जिससे विकास के लिए पर्याप्त गुंजाइश मिली।
-औसत परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) 2.53 फीसदी पर स्थिर रहा, इक्विटी पर प्रतिफल (आरओई) 11.04 फीसदी रहा।
वित्तीय प्रदर्शन: 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की नौमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 173.12 करोड़ रुपए के मुकाबले 30.62 फीसदी अधिक 226.13 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की नौमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 21.39 करोड़ रुपए के मुकाबले 30.62 फीसदी अधिक 29.10 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 61.74 करोड़ रुपए के मुकाबले 29.28 फीसदी अधिक 79.82 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 6.11 करोड़ रुपए के मुकाबले 64.32 फीसदी अधिक 10.04 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता एवं जोखिम मापदंड
- 31 दिसंबर 2025 तक सकल निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) 2.40 फीसदी और शुद्ध निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) 1.24 फीसदी रही।
- प्रोविजन कवरेज अनुपात (चरण 3) में सुधार होकर यह 49.19 फीसदी हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 46.25 फीसदी था।
- क्रेडिट लागत 1.23 फीसदी पर नियंत्रण में रही, जबकि पिछले वर्ष यह 1.03 फीसदी थी।
इस तिमाही के दौरान कर्मचारी लाभ व्यय में नए श्रम संहिता के कार्यान्वयन के लिए 0.45 करोड़ रुपए का एकमुश्त प्रावधान शामिल है।
डीए पोर्टफोलियो पर अपडेट: कंपनी प्रबंधन के अनुसार
कंपनी ने जनवरी 2025 और जुलाई 2025 के दौरान प्रत्यक्ष आवंटन लेनदेन के तहत दो ऋण पूल अधिग्रहित किए, जिनकी कुल राशि 25.12 करोड़ रुपए थी। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान, डीए साझेदार को अप्रत्याशित वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप ईएमआई का भुगतान नहीं हो सका। RBI के विवेकपूर्ण मानदंडों के अनुरूप, Ind AS के तहत 90 दिनों से अधिक समय से बकाया प्रभावित खातों को 31 दिसंबर, 2025 तक निष्पादित (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया गया और आवश्यक प्रावधान किए गए। यह घटना अप्रत्याशित और बाहरी थी, और कंपनी ने सभी आवश्यक लेखांकन व जोखिम संबंधी कार्रवाई तुरंत और पारदर्शी तरीके से की है।
भविष्य की संभावनाएं: कंपनी प्रबंधन के अनुसार
कंपनी मजबूत पूंजी भंडार, स्थिर लाभ मार्जिन और अनुशासित बीमा प्रक्रियाओं को बनाए रखे हुए है। कंपनी प्रबंधन पोर्टफोलियो की गुणवत्ता, नियंत्रित विकास और जोखिम निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर केंद्रित है ताकि दीर्घकालिक मूल्य सृजन को बढ़ावा मिल सके।

