Sunday, July 12, 2026 |
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प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘लैब टू लैंड’ अभियान की शुरुआत की

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को निर्देश दिया कि वे ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत ‘लैब टू लैंड’ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इसे केवल एक सरकारी कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा की भावना से करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को संबोधित करते हुए बताया कि जैसे-जैसे मानसून नजदीक आ रहा है और खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो रही हैं, अगले 12 से 15 दिनों के दौरान वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों की करीब 2000 टीमें देश के 700 से अधिक जिलों का दौरा करेंगी और लाखों किसानों तक पहुंचेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस अभियान के तहत वैज्ञानिकों की टीमें प्रयोगशालाओं से खेतों तक जाएंगी, व्यापक जानकारी किसानों को उपलब्ध कराएंगी और उन्हें उन्नत कृषि ज्ञान से लैस करेंगी। ये टीमें खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों की मदद के लिए तैयार रहेंगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि परंपरागत रूप से कृषि राज्यों का विषय रहा है और हर राज्य किसानों के कल्याण के लिए नीतियां बनाता है, लेकिन बदलते समय के साथ भारत की कृषि प्रणाली में भी बड़ा बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन कर देश के अनाज भंडार को भर दिया है, लेकिन बाजार की माँग और उपभोक्ताओं की पसंद भी बदल रही है। ऐसे में राज्य और किसानों के सहयोग से कृषि व्यवस्था में आधुनिक सुधार जरूरी हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत के कृषि वैज्ञानिकों ने दशकों में जो अनुसंधान किया है, उसका खेती पर सकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने उन प्रगतिशील किसानों की भी सराहना की, जिन्होंने नए तरीकों के प्रयोग से अद्भुत पैदावार हासिल की। प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और सफल कृषि तकनीकों को व्यापक किसान समुदाय तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब इन प्रयासों को और तेज गति और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। “विकसित कृषि संकल्प अभियान एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो ज्ञान की इस खाई को भर सकता है और किसानों को नवीनतम कृषि सूचनाओं का लाभ दे सकता है,” प्रधानमंत्री ने कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए भारत की कृषि का भी विकसित होना जरूरी है। उन्होंने सरकार के उन प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया जिन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है — जैसे कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना, कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और फसल उत्पादन को राष्ट्रीय आवश्यकताओं से जोडऩा। उन्होंने कहा, “भारत को सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी नहीं करनी हैं, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति का केंद्र भी बनना है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना, कम पानी में अधिक अनाज उत्पादन, हानिकारक रसायनों से मिट्टी की रक्षा, खेती के तरीकों का आधुनिकीकरण और विज्ञान व प्रौद्योगिकी को खेतों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10-11 वर्षों में सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में व्यापक काम किया है।



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