Thursday, March 5, 2026 |
Home » IREDA ने GIFT City के माध्यम से Green Infrastructure Financing बढ़ाने के लिए नीतिगत सहयोग की आवश्यकता पर दिया जोर

IREDA ने GIFT City के माध्यम से Green Infrastructure Financing बढ़ाने के लिए नीतिगत सहयोग की आवश्यकता पर दिया जोर

by Business Remedies
0 comments

गिफ्ट सिटी, गांधीनगर, 4 मार्च 2026। Indian Renewable Energy Development Agency Limited (IREDA) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर Pradip Kumar Das ने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए ऑफशोर पूंजी जुटाने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के विस्तार में नीतिगत सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

यह बात उन्होंने International Financial Services Centres Authority (IFSCA) द्वारा GIFT City में आयोजित एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल चर्चा के दौरान कही। इस कार्यक्रम का आयोजन Ministry of New and Renewable Energy (MNRE) के सहयोग से किया गया था।

इस सत्र की अध्यक्षता Santosh Kumar Sarangi (सचिव, MNRE) ने की। पैनल में कई प्रमुख विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें D. J. Pandian (डायरेक्टर जनरल, New Development Bank), J. V. N. Subramanyam (जॉइंट सेक्रेटरी, MNRE), Dipesh Shah (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, IFSCA) और Ashish Khanna (डायरेक्टर जनरल, International Solar Alliance) शामिल थे। इसके अलावा निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।

चर्चा के दौरान Pradip Kumar Das ने कहा कि IREDA की GIFT City स्थित IFSC सब्सिडियरी की स्थापना का उद्देश्य विदेशी मुद्रा संसाधनों तक बेहतर पहुंच बनाना और हेजिंग लागत को अनुकूलित करना है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी वित्तीय समाधान उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि निवेशकों का भरोसा मजबूत करने और पूंजी प्रवाह को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियामकीय ढांचे और बाजार की अपेक्षाओं के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। विशेष रूप से पूंजी पर्याप्तता मानदंडों और स्पॉन्सर सपोर्ट व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में यह संतुलन बेहद महत्वपूर्ण है।

इसके साथ ही उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, एथेनॉल और नवीकरणीय ऊर्जा घटक निर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सब-सेक्टरों की हार्मोनाइज्ड मास्टर लिस्ट की नियमित समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि इससे इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को बढ़ावा मिलेगा।

अंत में IREDA ने यह दोहराया कि वह GIFT City के माध्यम से भारत के सस्टेनेबल फाइनेंस इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नियामकों और उद्योग के अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।



You may also like

Leave a Comment