नई दिल्ली,
ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया क्षेत्र के बीच भारत लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय विमानन कंपनियों ने सोमवार को लगभग 50 आने वाली उड़ानों की योजना बनाई है। सरकार के अनुसार इन उड़ानों का संचालन परिचालन स्थिति और मौजूदा हालात के अनुसार किया जाएगा। सरकारी जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर जैसी भारतीय विमानन कंपनियां दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, फुजैराह, मस्कट और जेद्दा जैसे हवाई अड्डों से भारत के लिए उड़ानें संचालित करने की तैयारी कर रही हैं।
नागर विमानन मंत्रालय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही परिस्थितियों का भारत और इस क्षेत्र के बीच हवाई यात्रा पर प्रभाव पड़ रहा है, जिस पर मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विमानन कंपनियां आवश्यक परिचालन समायोजन कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उड़ानों का संचालन व्यवस्थित तरीके से जारी रहे। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 7 March को भारतीय विमानन कंपनियों की कुल 51 आने वाली उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंचीं, जिनमें कुल 8,175 यात्री सवार थे। वहीं 8 March को इस क्षेत्र के हवाई अड्डों से भारत आने के लिए 49 उड़ानों की योजना बनाई गई थी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय विमानन कंपनियां पश्चिम एशिया के अन्य हवाई अड्डों की स्थिति का भी लगातार आकलन कर रही हैं। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो वहां से भी भारत के लिए अतिरिक्त उड़ानों का संचालन किया जा सकता है।
हवाई किरायों पर भी रखी जा रही कड़ी नजर
सरकार ने स्पष्ट किया कि वह विमानन कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। साथ ही हवाई टिकट के किरायों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि इस संवेदनशील समय में किरायों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो और यात्रियों को उचित कीमत पर टिकट मिल सके। मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ानों के समय और स्थिति की ताजा जानकारी के लिए संबंधित विमानन कंपनियों के संपर्क में बने रहें। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक अपडेट जारी किए जाएंगे। इसी बीच एयर इंडिया ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की है। कंपनी 10 March से 18 March 2026 के बीच नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर कुल 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। इन अतिरिक्त उड़ानों के माध्यम से लगभग 17,660 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें दिल्ली से न्यूयॉर्क, दिल्ली से लंदन और मुंबई से लंदन जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले से भी दिल्ली के लिए उड़ानों का संचालन किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इन अतिरिक्त उड़ानों से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें मौजूदा हालात के कारण यात्रा विकल्प सीमित होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

