भारत के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का स्मरण दिन कारगिल विजय दिवस आज मनाया जाएगा। यह दिवस प्रत्येक भारतीय को देश की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का भी बोध कराता है। इस वर्ष भारत कारगिल युद्ध की विजय की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह दिन 1999 में कारगिल की पहाडिय़ों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय की ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है। वर्ष, 1999 में पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने जम्मू-कश्मीर (वर्तमान लद्दाख) के कारगिल, द्रास, बटालिक आदि क्षेत्रों की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारत ने इन क्षेत्रों को दुश्मन के कब्जे से मुक्त कराने और पुन: अपने नियंत्रण में लेने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया, जबकि भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर के माध्यम से सेना का सहयोग किया। लगभग दो महीने संघर्ष के बाद 26 जुलाई,1999 को ऑपरेशन विजय की सफलता और युद्ध की समाप्ति की घोषणा की गई। इस युद्ध में 527 भारतीय सैनिकों ने सवोच्य वलिदान दिया और १३६३ सैनिक घायल हुए। इन वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को स्मरण करने के लिए प्रत्येक वर्ष २६ जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान देने का यह दिन है। नागरिकों, विशेषकर युवाओं में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध को मजबूत करता है। यह दिवस याद दिलाता है कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में सक्षम हैं। यह दिवस भारतीय सेना की रणनीति, साहस और कठिन परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने की क्षमता का स्मरण कराता है। नई पीढ़ी के लिए भी यह प्रेरणा स्त्रोत है।

