Mumbai, date
भारतीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। बढ़ते मध्य पूर्व संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के चलते रुपया कमजोर होकर 93.12 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इस गिरावट के साथ रुपया अपने पिछले निचले स्तर 92.63 को भी पार कर गया, जो इससे पहले बुधवार को दर्ज किया गया था। ताजा गिरावट में लगभग 0.55 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद से अब तक रुपया करीब 2 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है। डॉलर-रुपया विनिमय दर 92.8 के ऊपर बनी हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
बाजार जानकारों का कहना है कि यदि रुपया लगातार 93 के ऊपर बना रहता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है। निकट स्तर पर 93.20 से 93.40 के बीच अवरोध देखा जा रहा है, जबकि 92.70 और 92.50 से 92.40 के बीच समर्थन स्तर मौजूद है। दूसरी ओर, घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। stock market update के अनुसार Sensex में 900 से अधिक अंकों की तेजी दर्ज की गई, जो लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त है। वहीं Nifty भी करीब 300 अंक चढ़कर 1.35 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने गुरुवार को 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में संभावित ढील के संकेत मिलने के बाद कीमतों पर दबाव बना है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 3.39 प्रतिशत गिरकर 104.96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल भी 3.22 प्रतिशत घटकर 92.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद यह गिरावट आई, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईरान के समुद्र में मौजूद तेल पर प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। पश्चिम एशिया संघर्ष के 21वें दिन तक ब्रेंट कच्चा तेल 2 मार्च के 77.74 डॉलर से बढ़कर 19 मार्च को 108.65 डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

