मुंबई,
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जब अमेरिका की ओर से ईरान के कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों में संभावित ढील के संकेत दिए गए। साथ ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास भी तेज हुए हैं, जिससे बाजार पर असर पड़ा। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कीमतों में लगभग 3.39 प्रतिशत तक की गिरावट आई और यह दिन के दौरान 104.96 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल वायदा भी 3.22 प्रतिशत गिरकर 92.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
अमेरिका के संकेत से बाजार में दबाव
तेल कीमतों में यह गिरावट अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद आई। उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन समुद्र में मौजूद ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर सकता है, जिससे वैश्विक कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अमेरिका आने वाले दिनों में लगभग 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल को प्रतिबंध मुक्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका ईरान की ऊर्जा संरचना को निशाना नहीं बना रहा है और वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करने के लिए उसके पास कई विकल्प मौजूद हैं।
तनाव के बीच पहले बढ़ी थीं कीमतें
हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद, पिछले कुछ समय में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के 21वें दिन तक ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 40 प्रतिशत बढ़कर 77.74 डॉलर से 108.65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत और ईरान की ऊर्जा आपूर्ति में बाधा की आशंका घटने से तेल बाजार में जोखिम प्रीमियम कम हुआ है। इसके चलते कीमतों में कुछ नरमी आई है, लेकिन अभी भी स्तर ऊंचे बने हुए हैं, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव जारी है।
stock market update: शेयर बाजार में तेजी
इस बीच, stock market update के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक sensex सुबह 9:46 बजे तक लगभग 1,000 अंक यानी 1.34 प्रतिशत बढ़कर कारोबार करता दिखा। वहीं nifty भी करीब 1.38 प्रतिशत यानी लगभग 300 अंकों की बढ़त के साथ ऊपर रहा। वैश्विक शेयर बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जहां एसएंडपी 500 सूचकांक 0.27 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट आई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका ईरान पर प्रतिबंधों में ढील देता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में और नरमी आ सकती है। हालांकि, भू-राजनीतिक स्थिति में किसी भी बदलाव से बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

