New Delhi,
भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया 30 पैसे की गिरावट के साथ 92.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊंची बनी हुई कच्चे तेल की कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। इस दौरान घरेलू stock market update भी कमजोर संकेत दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पिछले 12 कारोबारी सत्रों में लगभग 74 हजार करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ा है।
पश्चिम एशिया में तनाव से बढ़ा दबाव
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल उसके ऊर्जा ठिकानों पर दोबारा हमला करते हैं, तो वह और अधिक कड़े जवाबी हमले करेगा। इससे पहले इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स समुद्री प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमला किया, जो कतर के साथ साझा किया जाता है। कतर ने बाद में बताया कि ईरानी हमलों के बाद तरलीकृत प्राकृतिक गैस संयंत्रों में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ है। इस घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 92.63 के स्तर तक गिर गया था। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.42 पर खुला और सीमित दायरे में कारोबार करते हुए सत्र के दौरान अपने नए निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, आयातकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी निवेश की निकासी के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रुपया अब तक 1 प्रतिशत से अधिक कमजोर हो चुका है।
वैश्विक परिस्थितियां बनी चुनौती
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अभी भी अनुकूल नहीं हैं। कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना है, जिससे रुपये पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। इस बीच, अमेरिका सरकार बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन ऊर्जा उपायों पर विचार कर रही है। इसमें अपने रणनीतिक भंडार से अधिक कच्चा तेल जारी करना और ईरान के तेल पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील देना शामिल है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए पहले से वैकल्पिक योजनाएं तैयार की गई हैं, खासकर प्रमुख समुद्री मार्गों पर। ऊर्जा ढांचे पर हमलों और शिपिंग मार्गों में रुकावटों के कारण तेल कीमतों में आई तेजी को लेकर अमेरिका प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

