Wednesday, July 8, 2026 |
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भारत-यूके एफटीए से जुड़े नियम जारी, 15 जुलाई से होंगे लागू

by Business Remedies
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  • India-UK CETA 15 जुलाई से होगा लागू
  • Trade, Investment और Innovation को मिलेगा बढ़ावा

New Delhi | बिजनेस रेमेडीज | India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) 15 जुलाई से लागू होने वाला है और केंद्र सरकार ने इस समझौते से जुड़े नियमों को लागू कर दिया है।

Ministry of Finance की ओर से जारी ताजा Notification के मुताबिक, कोई Product India या UK में बना हुआ तब माना जाएगा, जब वह पूरी तरह से इनमें से किसी एक देश में बनाया गया हो, पूरी तरह से वहीं की सामग्रियों से बनाया गया हो, या फिर समझौते के तहत तय Product-Specific Rules of Origin की शर्तों को पूरा करते हुए, बाहर के Inputs का इस्तेमाल करके बनाया गया हो।

Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) द्वारा जारी किए गए नियम बताते हैं कि कौन-सा सामान समझौते के तहत खास Tariff सुविधा के लिए योग्य है या नहीं, और साथ ही Exporters और Importers के लिए जरूरी नियमों का पालन करने की शर्तें भी तय करते हैं। यह नियम भी समझौते के साथ ही 15 जुलाई से लागू हो जाएंगे।

अधिसूचना के अनुसार, “इन नियमों को Customs Tariff (Determination of Origin of Goods under the Comprehensive Economic and Trade Agreement between the Republic of India and the United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland) Rules, 2026 कहा जाएगा। ये नियम 15 जुलाई, 2026 से लागू होंगे।”

यह नियम Cumulation की सुविधा देता है, जिससे एक Partner Country में बनी चीजों को दूसरे देश में आगे के Production में इस्तेमाल करने पर उसी देश का बना हुआ माना जा सकता है।

इसमें यह भी बताया गया है कि साधारण Repackaging, Relabelling, Washing, Sorting, Polishing, Simple Assembly और दूसरे छोटे-मोटे कामों से किसी Product को Originating Status (मूल देश का दर्जा) नहीं मिलेगा।

Customs अधिकारियों के पास Origin के दावों की जांच करने और तय शर्तों को पूरा न करने वाले Products को Preferential Tariff Benefits न देने का अधिकार होगा। ये नियम उन Importers को भी छूट देते हैं जो आयात के समय Tariff Benefits का दावा नहीं कर पाए थे।

Union Minister for Commerce and Industry Piyush Goyal ने हाल ही में कहा कि India-UK CETA से Trade, Investment और Innovation के क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों की साझा समृद्धि में योगदान मिलेगा।

CETA से Professionals के लिए नए रास्ते खुलेंगे। London में Piyush Goyal ने भारतीय कंपनियों से आग्रह किया कि वे UK की कंपनियों के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाएं और CETA के तहत मिलने वाले मौकों को लगातार Business Growth में बदलें।

London में India-UK: Partners in Progress Business Plenary को संबोधित करते हुए Piyush Goyal ने कहा कि यह अहम Trade Agreement द्विपक्षीय व्यापार, Investment, Technology Partnership, Innovation और Supply Chain को मजबूत करने के बड़े मौके देता है |



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