Saturday, August 8, 2026 |
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भारत के वस्त्र निर्यात में मजबूती, FY26 में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि

by Business Remedies
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Export Growth and Production Activities in the Textile Industry of India

New Delhi,

: भारत का वस्त्र क्षेत्र वैश्विक बाजार में मजबूत बना हुआ है। FY26 के दौरान देश के वस्त्र निर्यात, जिसमें हस्तशिल्प भी शामिल हैं, 2.1 प्रतिशत बढ़कर 3 लाख 16 हजार 334.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। इससे पिछले वित्त वर्ष FY25 में यह आंकड़ा 3 लाख 9 हजार 859.3 करोड़ रुपये था, जैसा कि आधिकारिक बयान में बताया गया।

तैयार परिधान क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान

निर्यात में सबसे बड़ा योगदान तैयार परिधान खंड का रहा। इस क्षेत्र में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1 लाख 39 हजार 349.6 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, सूती धागा, कपड़ा, तैयार वस्त्र और हथकरघा से जुड़े निर्यात लगभग स्थिर रहे और इनका कुल मूल्य 1 लाख 2 हजार 399.7 करोड़ रुपये रहा। मानव निर्मित धागा, कपड़ा और तैयार वस्त्र खंड में 3.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखी गई। इस श्रेणी का निर्यात 41 हजार 196 करोड़ रुपये से बढ़कर 42 हजार 687.8 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि इस क्षेत्र में बढ़ती मांग को दर्शाती है।

हस्तशिल्प क्षेत्र में सबसे तेज वृद्धि

मूल्य वर्धित खंडों में हस्तशिल्प (हाथ से बने कालीन को छोड़कर) ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। इस श्रेणी का निर्यात 6.1 प्रतिशत बढ़कर 15 हजार 855.1 करोड़ रुपये हो गया। April 2025 से February 2026 के बीच भारत के वस्त्र निर्यात 120 देशों तक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में व्यापक भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है। संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, स्पेन, जापान, मिस्र, नाइजीरिया, सेनेगल और सूडान जैसे प्रमुख बाजारों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

सरकारी योजनाओं से मिला सहारा

सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निर्यात प्रोत्साहन और कर राहत से जुड़ी योजनाओं को जारी रखा है। इन योजनाओं को March 31, 2026 के बाद भी बढ़ाया गया है, जिससे निर्यातकों को राहत मिल रही है। 2025–26 के दौरान भारत के विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन समझौतों के लागू होने से वस्त्र और परिधान क्षेत्र को नए बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, शुल्क में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी। इससे निर्यात, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खुलने की संभावना है।



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