नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में एक निर्णायक अध्याय लिख रहा है। यह बदलाव देश में तेजी से बढ़ रहे विद्युतीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र के सशक्त विस्तार के कारण संभव हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सामाजिक मंच X पर ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे इस परिवर्तन को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री Shripad Yesso Naik द्वारा लिखे गए लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से रूपांतरित हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश का ऊर्जा परिवर्तन व्यावहारिक नीतिगत निर्णयों और आत्मनिर्भरता के स्पष्ट लक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का विस्तार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विद्युतीकरण को बढ़ावा, और घरेलू निर्माण को मजबूत करना भारत को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत की ऊर्जा नीति केवल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता पर भी केंद्रित है। इससे देश न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। इससे पहले सप्ताह में, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक निवेशकों से भारत के बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया था। उन्होंने ‘भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026’ के दौरान अपने लिखित संदेश में कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा सचिव Pankaj Aggarwal ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण करने, नवाचार करने, निवेश करने और विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन ऊर्जा और बिजली क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे विचारों का आदान-प्रदान हो, सहयोग को बढ़ावा मिले और ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए साझा दिशा तय की जा सके। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस तरह के प्रयास न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाएंगे, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




