Sunday, July 26, 2026 |
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India, Germany sign key MoUs; trade crosses $50 billion

by Business Remedies
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Prime Minister Narendra Modi with German Chancellor Friedrich Merz during MoU signing

बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। भारत और जर्मनी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की मौजूदगी में कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली है।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। उन्होंने कहा, “दो हज़ार से ज़्यादा जर्मन कंपनियाँ लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। यह भारत और यहाँ उपलब्ध अपार अवसरों में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग में लगातार वृद्धि हुई है, जो अब संयुक्त परियोजनाओं और निवेश के रूप में ज़मीन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन में समान प्राथमिकताएँ साझा करते हैं।

इन क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने के लिए दोनों देशों ने भारत-जर्मनी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला किया है। यह सेंटर ज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन साझा करने के लिए एक अहम मंच के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा, दोनों पक्ष क्लाइमेट, एनर्जी, शहरी विकास और शहरी गतिशीलता से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दोनों देशों की कंपनियों की भागीदारी वाला एक नया मेगा ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट ऊर्जा के भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित होगा।” उन्होंने सप्लाई चेन सहयोग पर भी ज़ोर देते हुए कहा कि भारत और जर्मनी सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

दोनों नेताओं ने खेल और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति जताई। प्रधानमंत्री ने कहा, “खेल दोनों देशों के युवाओं को जोड़ने का माध्यम बनेगा, जबकि उच्च शिक्षा के लिए एक नया रोडमैप अकादमिक संबंधों को मज़बूत करेगा।” उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

इस अवसर पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को सामने लाने में मदद करेगा।



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